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एशेज जीतने के बाद ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स ने शैंपेन से क्यों बनाई दूरी, ये है वजह, VIDEO

उस्मान ख्वाजा के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एशेज जीत के जश्न में शैंपेन का इस्तेमाल न कर उन्हें सम्मान दिया. ख्वाजा ने 88 टेस्ट में 6,229 रन बनाकर करियर समाप्त किया और एशेज जीत के साथ विदाई ली. अंतिम टेस्ट के दौरान उन्हें इंग्लैंड टीम से गार्ड ऑफ ऑनर भी मिला.

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ऑस्ट्रेलयाई खिलाड़ियों ने उस्मान ख्वाजा को दी विदाई (Photo: ITG)
ऑस्ट्रेलयाई खिलाड़ियों ने उस्मान ख्वाजा को दी विदाई (Photo: ITG)

ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार, 8 जनवरी को एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले उस्मान ख्वाजा को एक आखिरी सम्मान देने का फैसला किया. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एशेज ट्रॉफी जीत के जश्न के दौरान शैंपेन का इस्तेमाल न करने का निर्णय लिया. क्योंकि पहले भी किसी सेलिब्रेशन में ख्वाजा ने शैंपेन से दूरी बनाई है. धार्मिक कारणों से वह ऐसा करते रहे हैं. ऐसे में उनके सम्मान में ऑस्ट्रेलिया ने सेलिब्रेशन के दौरान शैंपेन का इस्तेमाल नहीं किया. 

शैंपेन का नहीं हुआ इस्तेमाल

2022 एशेज के बाद का एक मशहूर वीडियो सामने आया था, जिसमें पैट कमिंस ने यह सुनिश्चित किया था कि जश्न के दौरान ख्वाजा पर शराब न डाली जाए, जब ऑस्ट्रेलिया ने 4-0 से सीरीज़ जीती थी. बोतलें हटाए जाने के बाद कमिंस ने ख्वाजा को मंच पर बुलाया था ताकि वह टीम के साथ जश्न मना सकें.

इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. स्टीव स्मिथ और ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बिना बोतलें खोले जश्न मनाया, जब ख्वाजा बाकी खिलाड़ियों के साथ मंच पर पहुंचे. जीत का जश्न मनाने के लिए पीले और हरे रंग की कंफेटी की बरसात की गई, क्योंकि ख्वाजा ने एशेज जीत के साथ अपने करियर का समापन किया. 

ऐसा रहा है उस्मान ख्वाजा का करियर

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उस्मान ख्वाजा ने अपने ऑस्ट्रेलियाई करियर का अंत 88 मैचों में 6,229 रन बनाकर किया, जिससे वह ऑस्ट्रेलिया के लिए 15वें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने. 39 वर्षीय ख्वाजा के करियर का अंत खास नहीं रहा, क्योंकि उन्होंने अपनी आखिरी टेस्ट में बल्लेबाजी की दो पारियों में क्रमशः 17 और 6 रन बनाए.

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हालांकि, इंग्लैंड टीम ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और उनकी अंतिम पारी के बाद भावुक विदाई दी. बल्लेबाज ने कहा कि अंतिम बार बल्लेबाजी करने उतरते समय उनके मन में मिले-जुले भाव थे. वह एक साथ शांत भी थे और नर्वस भी.

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ख्वाजा ने cricket.com.au से कहा, 'शुरुआत में ही मेरी दिल की धड़कन तेज थी. मैंने कई तरह की भावनाएं महसूस कीं. खुशी, फिर थोड़ी घबराहट और फिर थोड़ी उदासी. यह एक भावनात्मक उतार-चढ़ाव जैसा था.' करीब 15 साल के लंबे करियर के बावजूद, ख्वाजा के कुल रनों में से आधे से ज्यादा रन (3,342) उन्होंने उस समय बनाए, जब चार साल पहले इसी सिडनी टेस्ट के दौरान उन्हें टीम में दोबारा मौका मिला था.

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