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Virat Kohli: 'एमएस धोनी से कप्तानी लेने को बेताब थे विराट कोहली', टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच का बड़ा दावा

टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने अपनी किताब में विराट कोहली को लेकर चौंकाने वाली बात कही है. श्रीधर ने कहा कि विराट कोहली साल 2016 में सीमित ओवर्स क्रिकेट में भारतीय टीम की कप्तानी करने के लिए बेचैन थे. कोहली फिलहाल श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में व्यस्त हैं.

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विराट कोहली और एमएस धोनी
विराट कोहली और एमएस धोनी

टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बीच बॉन्डिंग जगजाहिर है. विराट कोहली ने धोनी की कप्तानी में ही अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था, जिसके बाद वह बल्ले से लगातार रन बरसाते आ रहे हैं. विराट कोहली ने पिछले साल टेस्ट कप्तानी छोड़ने के कुछ महीनों बाद धोनी को लेकर दिल छू लेने वाला बयान दिया था. कोहली ने कहा था कि जब उन्होंने टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था, तो केवल एमएस धोनी का मैसेज उन्हें आया था.

आर. श्रीधर ने किया बड़ा दावा

अब भारतीय टीम के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने अपनी नई किताब 'कोचिंग बियॉन्ड: माई डेज विद इंडियन क्रिकेट टीम' में चौंकाने वाला दावा किया है. श्रीधर ने कहा कि विराट कोहली साल 2016 में व्हाइट बॉल क्रिकेट में कप्तानी करने के लिए बेचैन थे और तब तत्कालीन कोच रवि शास्त्री ने कोहली से इंतजार करने के लिए कहा था. आर. कौशिक के साथ मिलकर लिखी गई पुस्तक में श्रीधर ने उन दिनों का का जिक्र किया, जब कोहली टेस्ट टीम के कप्तान थे लेकिन सीमित ओवर्स क्रिकेट में उन्हें कप्तानी नहीं मिली थी.

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आर. श्रीधर ने किताब में लिखा, 'जहां तक कोचिंग ग्रुप का सवाल है तो ऐसा माहौल बनाया गया था जिसमें आप हर खिलाड़ी की आंख में आंख डालकर सच कह सकते हैं चाहे वह कितना ही कड़वा क्यो ना हो. साल 2016 में ऐसा समय था जब विराट कोहली सीमित ओवरों की कप्तानी के लिए भी व्याकुल थे. उन्होंने कुछ ऐसी बातें कही, जिससे लगा कि वह कप्तानी करने के लिए बेचैन हैं.'

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'शास्त्री ने कोहली को समझाया'

उन्होंने आगे लिखा, 'एक शाम को रवि शास्त्री ने उन्हें बुलाया और कहा देखिए विराट, एमएस ने आपको टेस्ट टीम की कप्तानी दी है. आपको उनकी इज्जत करनी चाहिए. वह सीमित ओवरों की कप्तानी भी आपको सौंप देंगे लेकिन सही समय आने पर. अगर आप अभी उनकी इज्जत नहीं करेंगे, तो कल जब आप कप्तान बनेंगे तो टीम आपका सम्मान नहीं करेगी.'

आर. श्रीधर ने कहा, 'विराट कोहली ने वह सलाह मानी और बाद में एक साल के भीतर ही वह सीमित ओवर्स के भी कप्तान बने.' श्रीधर ने शास्त्री को शानदार कम्युनिकेटर करार देते हुए कहा कि वह सीधी बात करते थे और हिचकिचाते नहीं थे. उन्होंने यह भी कहा कि टीम से बाहर होने वाले खिलाड़ी को सूचना देने का काम भी रवि शास्त्री को ही करना पड़ता था.

 

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