टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने फैन्स के क्रेज से जुड़ी एक अनोखी समस्या के बारे में खुलासा किया. कोहली के मुताबिक यह वही चीज है, जिसका सामना महेंद्र सिंह धोनी भी तब करते हैं जब वो बल्लेबाजी के लिए आते हैं. कोहली वडोदरा वनडे में भारत की जीत के स्टार रहे, जहां उनकी 93 रनों की इनिंग्स ने टीम इंडिया को न्यूजीलैंड पर चार विकेट से जीत दिलाने में मदद की.
इस मुकाबले में रोहित शर्मा जैसे ही आउट हुए, वडोदरा के कोटाम्बी में मौजूद फैन्स का शोर सातवें आसमान पहुंच गया क्योंकि विराट कोहली बैटिंग के लिए आने वाले थे. यह नजारा बिल्कुल वैसा ही था जैसा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में तब देखने को मिलता है, जब चेन्नई सुपर किंग्स (CK) के मैच में महेंद्र सिंह धोनी के मैदान पर उतरने पर फैन्स जोरदार स्वागत करते हैं, भले ही टीम विकेट गंवा चुकी हो.
रवींद्र जडेजा भी सीएसके में रहते हुए कई बार इस तरह के व्यवहार को लेकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं. मैच के बाद जब विराट कोहली से इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें फैन्स का यह व्यवहार पसंद नहीं है.
यह अच्छा एहसास नहीं: विराट कोहली
विराट कोहली ने कहा, मैं इसके बारे में जानता हूं और सच कहूं तो मुझे अच्छा नहीं लगता. मैंने यही चीज एमएस (धोनी) के साथ भी होते देखी है. जो खिलाड़ी आउट होकर वापस जा रहा होता है, उसके लिए यह अच्छा एहसास नहीं होता. मैं भीड़ की उत्सुकता समझता हूं, लेकिन मैं अपनी जिम्मेदारी पर फोकस करने की कोशिश करता हूं और ज्यादा नहीं सोचता.'
विराट कोहली ने आगे कहा, मैं बेहद आभारी हूं. यह सच में एक आशीर्वाद है. बचपन से जिस खेल को प्यार किया है, उस खेल को खेलते हुए लोगों को खुशियां देना, इससे ज्यादा मैं क्या मांग सकता हूं. मैं अपना सपना जी रहा हूं और लोगों की मुस्कुराहट देखकर मुझे खुशी मिलती है.'
विराट कोहली अपने 54वें ओडीआई शतक से सिर्फ 7 रन दूर रह गए, लेकिन लगातार सात लिस्ट-ए मैचों में 50+ स्कोर बनाकर उन्होंने दिखा दिया कि वो अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आए हैं. कोहली हालिया दिनों में तेज, ज्यादा आक्रामक और मैच की जरूरत के हिसाब से खेलने वाले नजर आए हैं.
वडोदरा वनडे में 301 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने अपने चेज मास्टर वाले अंदाज में फिर कमाल किया. 300 या उससे ज्यादा के चेज में कोहली अब तक 12 पारियों में 1091 रन बना चुके हैं. यह वनडे इतिहास में कोहली का 45वां 'प्लेयर ऑफ द मैच' अवॉर्ड था. इस सूची में उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर (62) और सनथ जयसूर्या (48) हैं.
विराट कोहली ने बताया कि वे इन रिकॉर्ड्स का हिसाब नहीं रखते. कोहली कहते हैं, 'ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता. मैं सारी ट्रॉफियां अपनी मां को गुरुग्राम भेज देता हूं. उन्हें उन्हें संभालकर रखना पसंद है और वे इस पर गर्व महसूस करती हैं.' भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 14 जनवरी को खेला जाएगा.