टीम इंडिया ने एक बार फिर आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली है, लेकिन सेमीफाइनल में मिली जीत ने टीम की गेंदबाजी को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. मुंबई में खेले गए सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश किया. यह मुकाबला पूरी तरह बल्लेबाजों के नाम रहा, जहां 40 ओवर में कुल 499 रन बने और मैच टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में शामिल हो गया.
इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने 48 गेंदों में 105 रन की शानदार पारी खेलकर मैच को लगभग भारत से छीन लिया था. उन्होंने लगातार बड़े शॉट लगाए और आखिरी तक इंग्लैंड की उम्मीदों को जिंदा रखा.
हालांकि आखिरी ओवर में शिवम दुबे ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारत को 7 रन से जीत दिला दी और टीम को फाइनल में पहुंचा दिया.
गेंदबाजी ने बढ़ाई चिंता
भारत फाइनल में तो पहुंच गया, लेकिन इस मैच में टीम की गेंदबाजी काफी दबाव में दिखी. एक बार फिर मैच को संभालने की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह पर आ गई. बुमराह ने 4 ओवर में 33 रन देकर 1 विकेट लिया और भारत के सबसे किफायती गेंदबाज रहे. खासकर डेथ ओवरों में उनकी सटीक यॉर्कर गेंदों ने इंग्लैंड की रन गति को रोक दिया.
वरुण चक्रवर्ती की खराब फॉर्म
दूसरी ओर स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बन गई है. टूर्नामेंट की शुरुआत में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था और ग्रुप स्टेज के चार मैचों में 12 विकेट लिए थे. लेकिन सुपर-8 में उनकी लय बिगड़ गई और रन तेजी से बनने लगे.
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 4 ओवर में 64 रन दे दिए, जो टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भारतीय गेंदबाज का सबसे महंगा स्पेल बन गया. जैकब बेथेल ने ही उनके खिलाफ 13 गेंदों में 41 रन ठोक दिए थे.
कुलदीप यादव को क्यों नहीं मौका?
ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कुलदीप यादव को लगातार बाहर क्यों रखा जा रहा है. कुलदीप ने इस टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच खेला है, जो पाकिस्तान के खिलाफ कोलंबो में हुआ था. उस मैच में उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 1 विकेट लिया था.
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद कुलदीप ने 28 पारियों में 57 विकेट लिए हैं. यानी वह हर 11.2 गेंद पर एक विकेट लेते हैं, जो बेहतरीन स्ट्राइक रेट माना जाता है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ अच्छा रिकॉर्ड
फाइनल में भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा और कुलदीप का इस टीम के खिलाफ भी अच्छा रिकॉर्ड रहा है. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 7 टी20 मैचों में 8 विकेट लिए हैं. उनका औसत 22.6 और इकॉनमी 7.5 रही है.
फाइनल से पहले बड़ा फैसला?
पूरे टूर्नामेंट में भारत ने लगभग एक ही गेंदबाजी संयोजन रखा है. स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल को प्राथमिकता दी गई, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को ग्रुप स्टेज में मौका मिला था. लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या फाइनल में भारत को बड़ा फैसला लेते हुए वरुण चक्रवर्ती की जगह कुलदीप यादव को मौका देना चाहिए.
कुलदीप अपनी स्पिन और विकेट लेने की क्षमता से मैच का रुख बदल सकते हैं और फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में यह फैसला भारत के लिए अहम साबित हो सकता है.