टी20 वर्ल्ड का छठा मैच 8 फऱवरी (रविवार) को श्रीलंका और आयरलैंड के बीच खेला गया. ये मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुआ. आयरलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड के सामने 164 रनों का लक्ष्य रखा था. जवाब में आयरिश टीम 19.5 ओवरों में 143 रनों पर सिमट गई.
श्रीलंका की ओर से स्पिन गेंदबाजों वानिंदु हसारंगा और महीश तीक्ष्णा ने तीन-तीन विकेट लिए. ग्रुप चरण की शुरुआत में ही दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम था क्योंकि शुरुआती जीत आगे की राह आसान कर सकती है.
श्रीलंका (प्लेइंग इलेवन): पथुम निसंका, कामिल मिशारा, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), पवन रथनायके, कामिंदु मेंडिस, दासुन शनाका (कप्तान), डुनिथ वेलालगे, वानिंदु हसारंगा, दुष्मंथा चमीरा, महीश तीक्ष्णा, मथीशा पथिराना.
आयरलैंड (प्लेइंग इलेवन): पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर), कर्टिस कैम्फर, बेंजामिन कैलिट्ज, जॉर्ज डॉकरेल, गैरेथ डेलानी, मार्क अडायर, बैरी मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज.
श्रीलंका ने इस मुकाबले में घरेलू परिस्थितियों फायदा उठाया. कोलंबो की पिच और माहौल से अच्छी तरह वाकिफ श्रीलंकाई टीम के पास संतुलित बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है. बल्लेबाजी की जिम्मेदारी पथुम निसंका, कुसल मेंडिस और कप्तान दासुन शनाका के कंधों पर है, जो शुरुआत से ही रन गति बनाए रखने की कोशिश करते हैं.
आयरलैंड की टीम इस टूर्नामेंट में आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने और आक्रामक क्रिकेट खेलने का इरादा लेकर उतरी है. कप्तान पॉल स्टर्लिंग टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं और अगर उन्हें अच्छी शुरुआत मिलती है तो वे अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं. जोश लिटिल नई गेंद से श्रीलंका के शीर्ष क्रम को चुनौती दे रहे, जबकि कर्टिस कैम्फर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन देने की भूमिका निभा रहे.
कैसा रहता है पिच का मिजाज
कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच आमतौर पर धीमी रहती है और यहां स्पिन गेंदबाज़ों को मदद मिलती है. अब तक खेले गए टी20 मुकाबलों में यहां औसत स्कोर 140 के आसपास रहा है. इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को ज़्यादा सफलता मिली है, जिससे टॉस की भूमिका अहम हो सकती है.
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में श्रीलंका और आयरलैंड की अब तक 4 बार भिड़ंत हुई है और चारों मुकाबले श्रीलंका ने जीते हैं. आंकड़ों के लिहाज से मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा है. इस मुकाबले में भी ऐसा ही देखने को मिला.