क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर ने अपने जन्मदिन पर एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका जादू वक्त के साथ कम नहीं हुआ है. शुक्रवार (24 अप्रैल) को मुंबई स्थित उनके घर के बाहर फैन्स का हुजूम उमड़ पड़ा. इस खास मौके पर सचिन ने पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ बाहर आकर प्रशंसकों का अभिवादन किया और एक ‘नन्हे फैन’ के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में समय बिताया...एक ऐसा पल जिसने हर किसी का दिल जीत लिया.
सचिन तेंदुलकर 53 साल के हो गए. उन्होंने महज 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. 24 साल लंबे करियर में उन्होंने ऐसे-ऐसे कीर्तिमान गढ़े कि उन्हें ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाने लगा.
VIDEO | Mumbai: Cricket icon Sachin Tendulkar greeted fans gathered outside his residence to celebrate his 53rd birthday. Sachin and his wife Anjali Tendulkar shared a light moment with a 'little fan' on the occasion.#SachinTendulkar #Mumbai
— Press Trust of India (@PTI_News) April 24, 2026
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सचिन की प्रतिभा को पहली बार दुनिया ने गंभीरता से तब देखा, जब उन्होंने अपने दोस्त विनोद कांबली के साथ 1988 में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की. मुंबई के आजाद मैदान पर खेले गए इस मैच में सचिन 326 और कांबली 349 रन बनाकर नाबाद रहे. उस समय यह किसी भी स्तर पर क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी थी.
एक अंपायर की वजह से दुनिया तक पहुंची कहानी
दिलचस्प बात यह है कि यह रिकॉर्ड दुनिया के सामने आसानी से नहीं आया. क्रिकेट की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘विजडन’ ने इसे प्रकाशित नहीं किया था. लेकिन अंपायर मार्कस कुटो की मेहनत से यह ऐतिहासिक साझेदारी एक महीने बाद दुनिया के सामने आ सकी. स्कोरकार्ड की गड़बड़ी को सुधारते हुए उन्होंने आंकड़ों को व्यवस्थित किया, हालांकि सचिन आज भी मजाक में अपने ‘तीन रन’ कम होने की बात याद दिलाते रहते हैं.
दरअसल, मार्कस कुटो के मुताबिक उस मैच के लिए 10 स्कोरर थे और स्कोरकार्ड में भी गड़बड़ी आ गई थी. ऐसे में स्कोर का मिलान करने के लिए माकर्स काउटो ने सचिन तेंदुलकर के 326 रनों के स्कोर में से तीन रन हटा दिए. सचिन अब भी मार्कस कुटो को वह बात याद दिलाना नहीं भूलते. सचिन का मानना है कि तीन रन अतिरिक्त (extras) में से कम करने चाहिए थे.
आंकड़े जो आज भी बेजोड़ हैं
सचिन तेंदुलकर का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज से भी अतुलनीय है-
टेस्ट: 200 मैच, 15921 रन, 51 शतक
वनडे: 463 मैच, 18426 रन, 49 शतक
अंतरराष्ट्रीय शतक: 100 (दुनिया में अकेले)
विकेट: 201
2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वानखेड़े टेस्ट के साथ उन्होंने अपने सुनहरे करियर को अलविदा कहा, लेकिन उनकी विरासत आज भी हर क्रिकेटर के लिए प्रेरणा है.
53 की उम्र में भी सचिन का करिश्मा बरकरार है. जन्मदिन पर घर के बाहर उमड़ी भीड़ और एक छोटे फैन के साथ उनकी सहज मुस्कान इस बात का सबूत है कि सचिन सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक भावना हैं, जो हर पीढ़ी के दिल में बसती है.