IND vs NZ Test: पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने बतौर कोच युवा खिलाड़ियों के खेल और भारतीय क्रिकेट को निखारने का शानदार काम किया है. इससे पूरी दुनिया में उनकी वाहवाही हो रही है. यही कारण है कि उन्हें रवि शास्त्री के बाद टीम इंडिया का कोच नियुक्त किया गया है. उन्होंने बतौर कोच कानपुर टेस्ट से अपने सफर की शुरुआत की है.
इसी कानपुर टेस्ट से ठीक पहले राहुल ने कुछ ऐसा किया, जिसकी तारीफ हो रही है. दरअसल, कानपुर टेस्ट से भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने डेब्यू किया. अय्यर को उनकी टेस्ट डेब्यू कैप पूर्व कप्तान और लीजेंड सुनील गावस्कर ने सौंपी. इस तरह से कोच द्रविड़ ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों से नए खिलाड़ियों को यह डेब्यू कैप दिलाने की पुरानी परंपरा फिर से जीवंत कर दी.
🎥 A moment to cherish for as he receives his Test cap from Sunil Gavaskar - one of the best to have ever graced the game. 👏 👏
— BCCI (@BCCI)
हर्षल को अगरकर ने सौंपी थी डेब्यू कैप
इससे पहले टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही अपने घर में 3 टी-20 की सीरीज खेली थी, जिसमें क्लीन स्वीप किया था. इस सीरीज में तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने भी डेब्यू किया था. तब राहुल ने पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को आमंत्रित कर उनके हाथों से हर्षल को डेब्यू कैप दिलाई थी.
🎥 🎥 Congratulations to who is set to make his debut. 👏 👏
— BCCI (@BCCI)
... पर बीच में बंद हो गई थी यह परंपरा
पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों यानी लीजेंड्स के हाथों से युवा खिलाड़ियों को डेब्यू कैप देने की परंपरा ऑस्ट्रेलिया में अपनाई जाती है. यही परंपरा भारत में भी जारी थी, लेकिन कुछ समय से ऐसा देखने को नहीं मिल रहा था. पिछले कुछ समय से कप्तान या कोई सीनियर खिलाड़ी या सहयोगी स्टाफ का सदस्य ही डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को कैप सौंपता था.