बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में मिली हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है. अपनी टीम के लगातार खराब प्रदर्शन से नाराज पीसीबी खिलाड़ियों के लिए नए और सख्त नियम लाने की तैयारी कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड अब 'परफॉर्मेंस बेस्ड सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट' लागू करने पर काम कर रहा है. यानी खिलाड़ियों की कमाई और कॉन्ट्रैक्ट सीधे उनके प्रदर्शन से जुड़ी होगी.
पाकिस्तानी टीम को बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में 104 रनों से हार का सामना करना पड़ा था. इतना ही नहीं, स्लो ओवर रेट के कारण ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने पाकिस्तान के वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 में 8 अंक भी काट लिए, जिससे टीम की हालत और खराब हो गई.
लगातार तीसरी बार बांग्लादेश से टेस्ट हारने के बाद पीसीबी के अंदर भारी नाराजगी बताई जा रही है. पीसीबी अब ऐसा सिस्टम लाना चाहता है, जिसमें खिलाड़ियों को सीरीज दर सीरीज और टूर्नामेंट के प्रदर्शन के आधार पर भुगतान किया जाए. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का कॉन्ट्रैक्ट डाउनग्रेड हो सकता है और कई खिलाड़ियों की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से छुट्टी भी हो सकती है. साथ ही फिटनेस और अनुशासन को भी अहम पैमाना बनाया जाएगा.
खिलाड़ियों की फिटनेस से भी PCB नाराज
पीसीबी अधिकारियों को मिले फीडबैक में दावा किया गया है कि कई खिलाड़ी अब अपनी जगह को लेकर जरूरत से ज्यादा सहज हो गए हैं. बोर्ड का मानना है कि खिलाड़ी फिटनेस पर पर्याप्त मेहनत नहीं कर रहे, स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान कम हो गया है और विदेशी T20 लीग्स की चमक ने इंटरनेशनल क्रिकेट से फोकस हटा दिया है, इसी वजह से विदेशी लीग खेलने को लेकर भी नए कॉन्ट्रैक्ट में सख्त शर्तें जोड़ी जा सकती हैं.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब उन खिलाड़ियों को ज्यादा आर्थिक फायदा देने पर भी विचार कर रहा है, जो टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देंगे. बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ी फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बजाय राष्ट्रीय टीम और लंबे फॉर्मेट पर ज्यादा ध्यान दें. रिपोर्ट के मुताबिक खराब फॉर्म के कारण कई खिलाड़ियों को नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है. पीसीबी 1 जुलाई को नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों और नियमों की समीक्षा करेगा.
अब पाकिस्तानी टीम के सामने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतकर वापसी करने की बड़ी चुनौती है. दूसरा टेस्ट मैच 16 मई से सिलहट में खेला जाना है. अगर पाकिस्तान यहां भी हारता है, तो टीम और खिलाड़ियों पर दबाव कई गुना बढ़ सकता है.