लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक जीत के महज चंद दिनों बाद आज यह मैदान अपने पहले टेस्ट का जश्न मना रहा है. 1884 में 21 जुलाई को इस ऐतिहासिक मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेला गया था. वो टेस्ट भी इन दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच ही खेला गया था. पिछले हफ्ते इंग्लैंड की टीम को भले ही 405 रनों की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा लेकिन 21 जुलाई 1884 को लॉर्ड्स पर खेले गए उस पहले टेस्ट की कहानी कुछ और ही थी.
पर खेला गया वह पहला टेस्ट इतिहास का केवल 15वां टेस्ट मैच था. पहली पारी में . इंग्लैंड के गेंदबाज टेड पीट ने 40 ओवरों में 85 रन देते हुए ऑस्ट्रेलिया के 6 बल्लेबाजों को पवेलियन पहुंचाया. इस दौरान ही बिली मर्डक टेस्ट क्रिकेट के ऐसे पहले क्रिकेटर बने जिन्होंने स्थानापन्न खिलाड़ी (सब्सटिट्यूट फील्डर) के रूप में कैच लपका.
इसके जवाब में ऐलेन स्टील ने अपना पहला टेस्ट शतक जमाया और कुल 148 रन बनाए. उनकी बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने 379 रन बनाए. इंग्लैंड के महान बल्लेबाज डब्ल्यू. जी. ग्रेस ने केवल 14 रनों का योगदान दिया और वो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जो. पालमेर के छह शिकारों में से एक थे.
ऑस्ट्रेलिया जब दूसरी बार बल्लेबाजी के लिए उतरा तब इंग्लिश गेंदबाज जॉर्ज उलएट ने अपने सात विकेटों की बदौलत किसी भी बल्लेबाज को जमने नहीं दिया. एक समय 60 रनों पर एक विकेट के स्कोर से ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 118 रनों पर 7 विकेट हो गया. इनमें से छह विकेट उलएट ने लिए. पूरी 145 रनों पर आउट हो गई और इंग्लैंड ने कहे जाने वाले इस ऐतिहासिक मैदान पर खेला गया पहला टेस्ट मैच एक पारी और पांच रनों से जीत लिया. इस पहले टेस्ट में कई क्रिकेटरों के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद किसी भी खिलाड़ी को ‘मैन ऑफ द मैच’ का अवार्ड नहीं दिया गया क्योंकि तब क्रिकेट में इस अवार्ड को देने का प्रचलन नहीं था.