ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज का पहला टी-20 गंवाने के बाद उमेश यादव फैंस के निशाने पर आ गए हैं. जसप्रीत बुमराह ने आलोचनाओं से घिरे साथी तेज गेंदबाज का बचाव किया है. बुमराह ने कहा कि कोई दिन ऐसा भी होता है, जब अंतिम ओवर में गेंदबाजी की रणनीति कारगर नहीं हो पाती.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरुआती टी-20 के अंतिम ओवर में उमेश 14 रन का बचाव नहीं कर सके. वहीं, बुमराह ने 19वें ओवर में शानदार गेंदबाजी से केवल दो रन दिए और भारत को मैच में वापसी कराई. इससे उमेश को अंतिम ओवर में 14 रन का बचाव कर ऑस्ट्रेलिया को 127 रनों के लक्ष्य तक पहुंचने से रोकना था.
What a match in Visakhapatnam! India came close to defending a low total, but Australia prevailed on the final ball to go 1-0 up.
— ICC (@ICC)
उमेश के अंतिम ओवर में बारे में पूछने पर बुमराह ने सीनियर साथी का बचाव करते हुए कहा, ‘ऐसा हो जाता है, किसी भी हालात में अंतिम ओवर में गेंदबाजी करना हमेशा मुश्किल होता है. यह दोनों तरफ जा सकता है और कभी कभार तो इसमें आधी-आधी संभावनाएं ही होती हैं.’
"The wicket was a little difficult to bat on" – says India were "short by 15-20 runs" in the first T20I in Visakhapatnam. REACTION ⏬
— ICC (@ICC)
उन्होंने कहा, ‘आप अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करते हो और आप अपनी रणनीति में स्पष्ट होते हो. कुछ दिन तो यह कारगर होता है और कई दिन यह कामयाब नहीं हो पाता. इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है. हम मैच का अंत अपने पक्ष में करना चाहते थे, लेकिन यह नहीं हो सका तो कोई बात नहीं.’
बुमराह ने कहा कि टॉस जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया के पास यह चीज फायदेमंद थी कि उन्हें पता था कि उन्हें क्या करना है क्योंकि उनके सामने लक्ष्य था, जबकि भारतीय टीम पारी को प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाने में लगी रही.
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— BCCI (@BCCI)
उन्होंने कहा, ‘जब आपके सामने लक्ष्य होता है, तो यह थोड़ा अलग होता है. यह छोटा लक्ष्य था, इसलिए एक बाउंड्री लगाने के बाद आपको ज्यादा जोखिम उठाने की जरूरत नहीं थी. लेकिन पहले बल्लेबाजी करते हुए हम चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने की कोशिश कर रहे थे इसलिए शायद यह थोड़ा अलग था. वे बाउंड्री लगाने के बाद स्ट्राइक रोटेट कर रहे थे.’