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डगआउट में फोन यूज कर फंसे राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर, BCCI ने माना नियमों का उल्लंघन, अब गिरेगी गाज

आईपीएल 2026 के बीच राजस्थान रॉयल्स एक नए विवाद में घिर गई है. टीम के मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद किया गया. बीसीसीआई ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए गंभीर मामला बताया है, जिसके बाद रोमी पर कार्रवाई तय मानी जा रही है.

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राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर एक्शन हो सकता है. (Photo: Screengrab/@JioHotstar)
राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर एक्शन हो सकता है. (Photo: Screengrab/@JioHotstar)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रही राजस्थान रॉयल्स (RR) अब एक विवाद में घिरती नजर आ रही है. टीम के मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल फोन का यूज करते नजर आए, जिसके बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया. खास बात यह रही कि उस वक्त डगआउट में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी मौजूद थे.

रोमी भिंडर ने मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन यूज कर आईपीएल के प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन किया. यह वाकया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले के दौरान हुआ, जब राजस्थान रॉयल्स 202 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी.

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के एक अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि रोमी भिंडर का डगआउट में फोन यूज करना नियमों के खिलाफ है और इस पर कार्रवाई तय मानी जा रही है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह गलती जानबूझकर की गई या अनजाने में, लेकिन नियमों के तहत इसे गंभीर माना जाता है.

BCCI की ओर से क्या कहा गया?
बीसीसीआई के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, 'भिंडर ने सही में प्लेयर्स एंड मैच PMOA के प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है क्योंकि मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन प्रतिबंधित हैं. यह अनजाने में हो सकता है, लेकिन इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि यह नियमों का उल्लंघन है. उन्हें चेतावनी दी जाएगी या मैच बैन लगाया जाएगा, यह मैच रेफरी और एसीयू (एंटी करप्शन यूनिट) की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा. इसी आधार पर आईपीएल गवर्निंग काउंसिल निर्णय ले सकता है.

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आईपीएल के PMOA प्रोटोकॉल के अनुसार डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है. टीम मैनेजर सिर्फ ड्रेसिंग रूम में फोन इस्तेमाल कर सकते हैं. खिलाड़ियों और स्टाफ को मैच शुरू होने से पहले अपने सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जमा करने होते हैं. इस नियम का मकसद एंटी-करप्शन सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी तरह के बाहरी कम्युनिकेशन को रोका जा सके.

इस मामले में बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट और मैच रेफरी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा. संभावित सजा में चेतावनी, जुर्माना या डगआउट एरिया से अस्थायी प्रतिबंध शामिल हो सकता है.

पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की. अब सभी की नजरें IPL गवर्निंग काउंसिल के फैसले पर टिकी हैं.

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