IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. ड्रेसिंग रूम में वेपिंग का वीडियो वायरल होने के बाद बीसीसीआई ने उनसे इस मामले में जवाब तलब किया है. यह विवाद 28 अप्रैल को न्यू चंडीगढ़ में पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान सामने आया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पराग को ड्रेसिंग रूम के अंदर वेपिंग करते देखा गया, जिसके बाद फैंस और क्रिकेट जगत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली.
दिलचस्प बात यह है कि यह मैच राजस्थान रॉयल्स के शानदार प्रदर्शन के लिए याद किया जाना चाहिए था. टीम ने 223 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए चार गेंद बाकी रहते 6 विकेट से जीत दर्ज की. लेकिन टीम की इस बेहतरीन जीत के बावजूद चर्चा सिर्फ रियान पराग के ऑफ-फील्ड व्यवहार की हो रही है. अब सभी की नजरें BCCI के फैसले पर टिकी हैं कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है.
पहले भी विवादों में आई राजस्थान
बताया जा रहा है कि पराग ने चुपके से वेपिंग करने की कोशिश की, लेकिन कैमरे में कैद हो गए और यह वीडियो तेजी से X (पूर्व ट्विटर) पर वायरल हो गया. यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब राजस्थान रॉयल्स पहले ही एक नियम उल्लंघन के कारण चर्चा में थी. टीम के मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में फोन इस्तेमाल करने के लिए 1 लाख रुपये का जुर्माना और चेतावनी दी गई थी.
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अब पराग का मामला और गंभीर माना जा रहा है. आईपीएल नियमों के अनुसार ड्रेसिंग रूम और डगआउट में स्मोकिंग, जिसमें ई-सिगरेट और वेप भी शामिल हैं, पूरी तरह प्रतिबंधित है. ऐसे में इस मामले की जांच BCCI और IPL गवर्निंग काउंसिल द्वारा की जा सकती है.
भारत में भी Prohibition of Electronic Cigarettes Act (PECA) 2019 के तहत वेपिंग डिवाइस गैरकानूनी हैं. नियमों के उल्लंघन पर 60 हजार से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और 6 महीने से 3 साल तक की सजा का प्रावधान है.
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वेपिंग क्या है?
पहले ये समझ लें, वेपिंग क्या है? इसमें कोई भी शख् इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) या वेप पेन जैसे बैटरी-संचालित उपकरणों के माध्यम से एक विशेष तरल पदार्थ (E-liquid) को गर्म करके बनाई गई भाप (वाष्प) को सांस के ज़रिए अंदर लेता है. इस डिवाइस में एक बैटरी, हीटिंग एलिमेंट और तरल रखने के लिए एक पॉड या टैंक होता है. इसमें आमतौर पर निकोटीन, आर्टिफिशियल फ्लेवर (स्वाद), और अन्य रसायन होते हैं.