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IPL 2026 में ‘बारामूला एक्सप्रेस’ की एंट्री... स्विंग का तूफान, स्टंप्स उड़ेंगे, बल्लेबाजों की हालत खराब!

IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स ने जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज ‘बारामूला एक्सप्रेस’ को शामिल कर लिया है. शांत स्वभाव के बावजूद मैदान पर उनकी स्विंग खतरनाक है और हर गेंद में विकेट लेने की क्षमता है. रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर चुके इस तेज गेंदबाज ने अपनी रणनीति, संतुलन और फिटनेस के दम पर घरेलू क्रिकेट में धमाका किया है.

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घरेलू क्रिकेट में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद अब आईपीएल में दिखेंगे आकिब नबी. (Photo, ITG)
घरेलू क्रिकेट में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद अब आईपीएल में दिखेंगे आकिब नबी. (Photo, ITG)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में  दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम बुधवार को अपने अभियान की शुरुआत करेगी. लखनऊ में उसका मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से होगा, वह भी इस सीजन के अपने पहले मैच में उतरेगी. दिल्ली के खेमे में 'बारामूला एक्सप्रेस' के नाम से पहचान बनाने वाले तेज गेंजबाज आकिब नबी भी हैं, जिनसे टीम को खास उम्मीदें होंगी.

IPL 2026 की नीलामी में जब दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को 8.4 करोड़ रुपये में खरीदा, तब क्रिकेट गलियारों में हलचल तेज हो गई. लेकिन जिस खिलाड़ी के नाम पर इतनी बड़ी बोली लगी, वह खुद उस शोर-शराबे से दूर अपने कमरे में खामोशी से बैठा था.

बारामूला के रहने वाले 29 साल के नबी ने नीलामी के दिन अपने दोस्तों और रिश्तेदारों तक को यह नहीं बताया कि वह घर पर हैं. बाहर जश्न का माहौल था, लोग खुशी में झूम रहे थे, लेकिन नबी पर्दे के पीछे से यह सब देख रहे थे. यह दृश्य उनके स्वभाव को बखूबी बयान करता है- कम बोलने वाले, लेकिन भीतर से पूरी तरह आत्मविश्वासी.

 नबी का क्रिकेट सफर भी कुछ ऐसा ही रहा है- शोर से दूर, लेकिन प्रदर्शन में दमदार. हाल ही में रणजी ट्रॉफी फाइनल में उनके प्रदर्शन ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया. उन्होंने 5 विकेट लेकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई. इस दौरान उन्होंने भारत के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल और करुण नायर को भी अपना शिकार बनाया. 

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खास बात यह रही कि फाइनल से पहले ही नबी ने अपने कोच से कहा था- '300 से पहले आउट कर देंगे.' और उन्होंने मैदान पर वही कर दिखाया. जम्मू-कश्मीर टीम के गेंदबाजी कोच पी कृष्ण कुमार नबी की सबसे बड़ी ताकत- उनके संतुलन और स्पष्ट सोच को मानते हैं. 

उनके मुताबिक, नबी हर स्थिति में शांत रहते हैं और यही गुण उन्हें खास बनाता है. वह सिर्फ तेज गेंदबाज नहीं, बल्कि रणनीति के साथ गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी हैं. इसका उदाहरण सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में देखने को मिला, जब उन्होंने बिहार के खिलाफ ईडन गार्डन्स में वैभव सूर्यवंशी को पहली ही गेंद पर इनस्विंग यॉर्कर से बोल्ड कर दिया. यह सिर्फ एक गेंद नहीं थी, बल्कि सोची-समझी योजना का नतीजा थी. नबी हर बल्लेबाज के लिए अलग रणनीति बनाते हैं और उसी के मुताबिक गेंदबाज़ी करते हैं. 

घरेलू क्रिकेट में उनके आंकड़े भी उनके प्रदर्शन की गवाही देते हैं. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT 2025-26)में उन्होंने 7 मैचों में 15 विकेट लिए, जबकि विजय हजारे ट्रॉफी में 7 मैचों में 14 विकेट अपने नाम किए. उनकी इकोनॉमी भी काबिल-ए-तारीफ रही. इतना ही नहीं, उन्होंने एक मुकाबले में 114* रनों की पारी खेलकर टीम को 90/7 की मुश्किल स्थिति से जीत दिलाई. यह दिखाता है कि वह सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्ले से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं. 

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नबी की सफलता के पीछे उनकी मेहनत और फिटनेस का बड़ा हाथ है. कोच कृष्णकुमार के अनुसार, पिछले तीन साल में नबी ने एक भी ट्रेनिंग सेशन मिस नहीं किया. उन्होंने अपनी फिटनेस पर खास ध्यान दिया है, क्योंकि तेज गेंदबाज के लिए फिट रहना सबसे जरूरी होता है. नबी लगातार 12 गेंदों के स्पेल की प्रैक्टिस करते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता और सटीकता बनी रहती है. यॉर्कर पर उनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि अभ्यास के दौरान वह 12 में से 10 बार बिल्कुल सटीक निशाने पर गेंद डालते हैं. 

IPL में अपनी भूमिका को लेकर भी नबी पूरी तरह स्पष्ट हैं. वह नई गेंद से स्विंग कर शुरुआती विकेट लेने पर ध्यान देंगे और जरूरत पड़ने पर डेथ ओवर्स में भी योगदान देंगे. उनका मानना है कि अपनी ताकत के हिसाब से खेलना ही सफलता की सीक्रेट है. नबी कहते हैं, 'मेरी ताकत गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराना है. मैं उसी पर फोकस करूंगा और टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान देने की कोशिश करूंगा.'

जम्मू-कश्मीर से पहले भी कई खिलाड़ी IPL में अपनी पहचान बना चुके हैं, जिनमें परवेज रसूल, उमरान मलिक और अब्दुल समद शामिल हैं. लेकिन नबी को लेकर जो उम्मीदें हैं, वह उन्हें खास बनाती हैं. कोच उन्हें वसीम जाफर जैसा शांत खिलाड़ी मानते हैं, जो हर परिस्थिति में संतुलन बनाए रखता है. नबी खुद भी इन उम्मीदों से वाकिफ हैं, लेकिन वह इसे दबाव के रूप में नहीं लेते. उनका फोकस सिर्फ अपने प्रदर्शन पर है. वह बाहरी बातों पर ध्यान देने की बजाय अपनी तैयारी पर जोर देते हैं. 

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आकिब नबी की कहानी क्रिकेट में सिर्फ एक खिलाड़ी के उभरने की नहीं, बल्कि उस सोच की है, जहां शोर से ज्यादा महत्व संतुलन और मेहनत का होता है. अब IPL जैसे बड़े मंच पर यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह शांत स्वभाव और घातक स्विंग उन्हें कितनी ऊंचाई तक ले जाता है.

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