scorecardresearch
 

Kerala: तीन हफ्ते में हाथियों ने 3 लोगों को मारा... गजराज क्यों कर रहे हैं इंसानों पर हमला?

केरल में तीन हफ्तों के अंदर हाथियों ने तीन लोगों को मार डाला. वजह बताई जा रही है तेजी से जंगल का कटाव. हाथियों का घर, खाना-पानी सब खत्म हो रहा है. इसलिए वो इसकी तलाश में इंसानी बस्तियों की तरफ आ रहे हैं. ऐसे में इंसानों और हाथियों के बीच संघर्ष हो रहा है.

Advertisement
X
केरल में हाथियों के हमले का लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटोः गेटी)
केरल में हाथियों के हमले का लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटोः गेटी)

केरल में पिछले तीन हफ्तों में हाथियों ने तीन इंसानों को मार डाला है. स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि ज्यादा कैमरे और पेट्रोलिंग से इस संघर्ष को टाला जा सकता है. लेकिन इंसानों और हाथियों के बीच हो रहे संघर्ष और मौतों को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. 

हाल ही में वायनाड के पुलपल्ली इलाके में एक 52 वर्षीय टूरिस्ट गाइड पर हाथियों के समूह ने हमला कर दिया. गाइड की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद शनिवार यानी 17 फरवरी को हजारों लोगों ने सड़क रोक दिया. वन विभाग की गाड़ियों को तोड़ा-फोड़ा. 

यह भी पढ़ें: Zombie Deer Disease in USA: पूरे अमेरिका में हिरणों में फैल रही नई बीमारी, क्या इंसानों को भी है खतरा?

Kerala Elephant attack

मजबूरी में पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा. पर्यावरण के लिए काम करने वाले लोगों का आरोप है कि इसकी इंसानों और हाथियों के संघर्ष के पीछे जंगल काटना बड़ी वजह है. हाथी जंगल से निकल कर इंसानी इलाकों में आ रहे हैं. जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. 

केरल के मुख्यमंत्री पिन्नाराई विजयन ने एक मीटिंग बुलाई. यह फैसला लिया गया कि 250 एडवांस कैमरों को जंगल और वाइल्डलाइप कॉरीडोर्स की सीमा पर लगाया जाए, ताकि जानवरों के मूवमेंट को पहले से जान सकें. 3.50 करोड़ लोगों वाले केरल में 55% इलाका जंगल है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: दुश्मन के राडार पर नहीं दिखेंगे China के फाइटर जेट, वैज्ञानिकों ने बनाया ऐसा डिवाइस

Kerala Elephant attack

मुख्यमंत्री ने 24 घंटे जंगलों में पेट्रोलिंग का आदेश दिया है. साल 2020 से 2022 के बीच केरल में हाथियों के हमले में 67 लोग मारे जा चुके हैं. पर्यावरणविद एन. बादुशा ने बताया कि जंगल को तेजी से काटा जा रहा है. हाथियों का घर खत्म हो रहा है. वो खान-पानी की तलाश में इंसानी इलाकों में आ रहे हैं. ऐसे में इस तरह के हमलों की आशंका बनी रहेगी. 

2017 में वायनाड में 3322 हाथी थे. जो अब घटकर 1920 हो चुकी है. पूरे राज्य में कुल मिलाकर 2386 हाथी ही बचे हैं. यह आंकड़े केरल वन विभाग के हैं. फिलहाल सरकार की तरफ से हाथियों के हमलों से बचने के लिए लोगों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा रहा है. ताकि लोग हाथियों का मूवमेंट देखकर एकदूसरे को खतरे की सूचना दे सकें. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement