हनुमान जयंती सिर्फ हनुमान जी की आरधना और पूजा का दिन नहीं हैं, बल्कि उनकी पूजा के जरिये जीवन में सकारात्मकता भी लाई जा सकती है. हनुमान चालीसा में संत तुलसीदास ने लिखा है, 'और देवता चित्त न धरईं, हनुमत सेई सर्व सुख करईं.'
यानी सिर्फ हनुमानजी की पूजा और सेवा से वो सभी लाभ मिल सकते हैं, जिसके लिए अन्य देवी-देवताओं की अलग-अलग पूजा करनी होती है. इसका सबसे अधिक असर ग्रह और राशियों पर दिखाई देता है. हनुमानजी की पूजा से सभी ग्रह सध जाते हैं और खास तौर पर मंगल, शनि, राहु और केतु से पीड़ित व्यक्ति को जरूर हनुमान जयंती पर खास उपाय कर लेने चाहिए. 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर पीपल के पत्तों का उपाय भी खास लाभ दिलाएगा.
इससे शनि की साढ़े साती और ढैय्या के प्रभाव भी कम हो जाते हैं.
ग्रहों की चाल का असर हर राशि पर अलग-अलग तरीके से पड़ता है. इस समय कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है, जिससे जीवन में बाधाएं और तनाव बढ़ सकते हैं. ऐसे में हनुमान जयंती का दिन इन समस्याओं से राहत पाने का खास मौका माना जाता है.
कौन-कौन सी राशियां प्रभावित हैं?
इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. वहीं धनु और सिंह राशि पर शनि की ढैय्या का असर है. ज्योतिष के अनुसार, इन राशियों के लोगों को विशेष उपाय करने से लाभ मिल सकता है. शनि की साढ़ेसाती वाली राशियों के लोगों को हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी को पान का बीड़ा और चमेली का तेल अर्पित करना चाहिए. इस दिन सुबह उठकर स्नान आदि करें और उनके समक्ष घी या तेल का दीपक प्रज्वलित करें.
फिर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें. हनुमान जी से मनोकामना मांगकर चोला चढ़ाएं और लाल सिंदूर के साथ गुलाब की माला भी अर्पित कर सकते हैं. इसके साथ ही 11 पीपल के पत्ते लें और उनमें श्रीराम का नाम लिखें और हार बनाकर चढ़ाएं.