आज बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व है भारत के कुछ इलाकों में इसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है. मई के महीने में आने वाली इस पूर्णिमा के दिन सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में विराजमान होते हैं. यानी सूर्य देव बहुत मजबूत स्थिति में होते हैं और चंद्रमा अपनी उच्च राशि तुला में होता है. यानी बुद्ध पूर्णिमा की रात को चंद्रमा प्रबल होता है.
जानिये क्यों खास है यह बुद्ध पूर्णिमा
ज्योतिषीय और धार्मिक दोनों ही दृष्टि से बुद्ध पूर्णिमा का दिन बहुत महत्वपूर्ण है बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के लिए आज का दिन दिवाली जैसा होता है. महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और बुद्ध पूर्णिमा के दिन उनका जन्मदिन दुनियाभर में मनाया जाता है.
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बुद्ध पूर्णिमा के दिन क्या करें
- भगवान विष्णु का पूजन करें
- कम से कम 15 किलो पीने वाला मीठा जल दान करें, मिट्टी का घड़ा ना मिले तो ठंडे पानी की बोतल भी दान कर सकते हैं
- सत्तू, मिठाई और वस्त्र किसी गरीब ब्राह्ण को दान करें
बुद्ध जयन्ती कहां, कैसे मनाई जाती है?
- यदि जीवन में कोई परेशानी है तो सत्यनारायण की कथा सुनें
- रात में दूप, दीप दिखा कर चंद्रमा का पूजन करें
क्या ना करें
बुद्ध पूर्णिमा पर मिलेगा वरदान
- बुद्ध पूर्णिमा के दिन मासांहार का सेवन ना करें
- झूठ का सहारा लेकर कोई काम ना करें
- अपने कर्म या वचन से माता-पिता को दुख ना पहुंचाएं