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Dampness In House Vastu Tips: घर की सीलन कहीं बर्बाद ना कर दे आपकी जमापूंजी! आज ही करें ठीक

Dampness In House Vastu Tips: घर में सीलन को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह नमी नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाकर धन हानि, तनाव और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकती है. जानें कौन से ग्रह इसके लिए जिम्मेदार हैं.

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दीवारों की सीलन बिगाड़ सकती है आपकी किस्मत (Photo: ITG)
दीवारों की सीलन बिगाड़ सकती है आपकी किस्मत (Photo: ITG)

Dampness In House Vastu Tips: घर की सीलन (नमी) को अक्सर लोग छोटी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीलन सिर्फ दीवारों के लिए ही नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है. माना जाता है कि घर में बढ़ती नमी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है, जिससे धन हानि, खर्चों में बढ़ोतरी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस घर में लगातार सीलन रहती है, वहां मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है. खासतौर पर घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) और उत्तर दिशा में सीलन आना शुभ नहीं माना जाता है. यह दिशा धन और समृद्धि से जुड़ी होती है, इसलिए यहां सीलन आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है.

सीलन का वास्तु में महत्व

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, सीलन की वजह से घर में बदबू, फंगस और गंदगी भी बढ़ती है, जो सकारात्मक ऊर्जा को कम करती है. इससे घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है और काम में मन नहीं लगता है. धीरे-धीरे यह स्थिति आर्थिक नुकसान को न्योता देने लगती है. अगर आपके घर में कहीं भी दीवारें गीली रहती हैं या पेंट उखड़ने लगा है, तो इसे तुरंत ठीक कराना चाहिए. घर में अच्छी धूप और हवा का आना जरूरी है, क्योंकि इससे नमी कम होती है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

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इसके अलावा, पानी के लीकेज को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर घर की सफाई और मरम्मत करते रहें. नमक या कपूर का उपयोग भी नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में मददगार माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि सीलन आने से घर को कौन से वास्तु दोष लगते हैं.

1. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) का दोष
अगर घर के उत्तर-पूर्व हिस्से में सीलन रहती है, तो इसे सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है. यह दिशा देवताओं और धन-दौलत की मानी जाती है. यहां सीलन होने से धन रुकावट, मानसिक तनाव और निर्णय लेने में कमजोरी आ सकती है.

2. उत्तर दिशा में नमी (धन दोष)
उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कहा जाता है. इस जगह सीलन आने से आर्थिक नुकसान, बचत में कमी और अचानक खर्च बढ़ सकते हैं.

3. दीवारों का गीला और खराब होना (ऊर्जा दोष)
घर की दीवारों पर फंगस, पपड़ी या बदबू आना घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. इससे घर में कलह, आलस्य और काम में रुकावट आने लगती है.

4. दक्षिण-पश्चिम में सीलन (स्थिरता दोष)
यह दिशा स्थिरता और रिश्तों से जुड़ी होती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में नमी होने से रिश्तों में अस्थिरता और करियर में उतार-चढ़ाव आ सकता है.

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घर में सीलन आने से कौन से ग्रह होते हैं प्रभावित?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में सीलन का संबंध मुख्य रूप से चंद्रमा और शुक्र ग्रह से माना जाता है.

चंद्रमा (Moon) - चंद्रमा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है. घर में सीलन आने से चंद्रमा कमजोर हो सकता है, जिससे मानसिक तनाव, बेचैनी और नींद की समस्या बढ़ सकती है.

शुक्र (Venus)- शुक्र देवता सुख-सुविधा, वैभव और सुंदरता का कारक है. सीलन से शुक्र प्रभावित होता है, जिससे आर्थिक परेशानी, घर की रौनक कम होना और वैवाहिक जीवन में तनाव की समस्याएं आ सकती हैं.

क्या करें उपाय?

- घर में जहां भी लीकेज या सीलन है, उसे तुरंत ठीक कराएं.
- घर में धूप और हवा का सही इंतजाम रखें.
- नमक या कपूर रखकर नमी और नकारात्मक ऊर्जा कम करें.
- उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा साफ और सूखा रखें.

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