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Vastu Niyam: गर्मी में AC का वास्तु दोष बिगाड़ न दे आपका बजट! जानें सही नियम

Vastu Niyam: क्या आपके घर में भी बढ़ रहा है क्लेश और फिजूलखर्ची? कहीं आपके AC और फ्रिज का वास्तु तो खराब नहीं? जानें इन उपकरणों को रखने के जरूरी नियम और राहु के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय.

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वास्तु विज्ञान की दृष्टि से देखें तो एसी और कूलर का सीधा संबंध वायु और अग्नि के संतुलन से है. (Photo: ITG)
वास्तु विज्ञान की दृष्टि से देखें तो एसी और कूलर का सीधा संबंध वायु और अग्नि के संतुलन से है. (Photo: ITG)

Vastu Upay: गर्मी से राहत पाने के लिए हम AC और कूलर का सहारा तो लेते हैं, लेकिन वास्तु की अनदेखी हमें महंगी पड़ सकती है. वास्तु विज्ञान मानता है कि बिजली से चलने वाले ये उपकरण ऊर्जा का एक विशेष चक्र बनाते हैं. यदि इन्हें सही दिशा न मिले, तो यह सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देते हैं, जिससे घर में बिना वजह कलह और धन की हानि होने लगती है. अगर आप भी इस गर्मी में खुद को और अपनी जेब को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन उपकरणों को रखने से पहले वास्तु के ये नियम जरूर जान लें. 

एसी (AC) और कूलर
वास्तु विज्ञान की दृष्टि से देखें तो एसी और कूलर का सीधा संबंध वायु और अग्नि के संतुलन से है. चूंकि ये बिजली से चलते हैं, इसलिए इनमें अग्नि तत्व है और चूंकि ये हवा देते हैं, इसलिए इनमें वायु तत्व भी समाहित है. 

सबसे उत्तम दिशा: एसी लगाने के लिए उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) दिशा को सबसे श्रेष्ठ माना गया है.  चूँकि यह वायु की ही दिशा है, इसलिए यहां लगा एसी घर में शीतलता के साथ-साथ मानसिक शांति भी लाता है. 

दूसरा विकल्प: आप इसे दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में भी लगवा सकते हैं, क्योंकि यह बिजली के उपकरणों का प्राकृतिक स्थान माना जाता है.

यहाँ भूलकर भी न लगाएं: एसी को कभी भी पश्चिम दिशा की दीवार पर न टांगें.  माना जाता है कि इस दिशा में लगा एसी सुख-सुविधाओं पर फिजूलखर्ची बढ़ाता है और घर की बरकत को धीरे-धीरे खत्म कर देता है. 

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टपकता पानी है खतरे की घंटी: ध्यान रखें कि आपके एसी से पानी का रिसाव (Leakage) न हो रहा हो.  वास्तु के अनुसार, टपकता हुआ पानी आर्थिक नुकसान और घर के सदस्यों में स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत होता है. 

रेफ्रिजरेटर (Fridge): 
आज के दौर में फ्रिज को हम अन्नपूर्णा का आधुनिक रूप मान सकते हैं, क्योंकि यह हमारे भोजन को सुरक्षित और ताजा रखता है. इसकी गलत दिशा न केवल खाने की गुणवत्ता बल्कि घर के सदस्यों की सेहत को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती है.

उत्तम स्थान: वास्तु के अनुसार फ्रिज रखने के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे उत्तम है.

दरवाजे का नियम: फ्रिज को इस तरह रखें कि उसका दरवाजा खोलते समय उसका मुख हमेशा पूर्व (East) की ओर हो. पूर्व दिशा से आने वाली सकारात्मक ऊर्जा भोजन की सात्विकता और शुद्धता को बनाए रखती है.

ईशान कोण से दूरी: फ्रिज को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में न रखें. यह कोना पूजा-पाठ और ध्यान के लिए समर्पित होता है; यहां भारी मशीन रखने से घर की उन्नति रुक सकती है.

दीवार से सटाकर न रखें: फ्रिज को कभी भी दीवार से एकदम चिपकाकर नहीं रखना चाहिए. ऊर्जा का प्रवाह निर्बाध बना रहे, इसके लिए फ्रिज और दीवार के बीच कम से कम एक फीट की दूरी जरूर रखें.

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