शब-ए-बारात की रात हर मुसलमान के लिए बहुत अहम होती है. मस्जिदों में रौनक देखने को बनती है. इस दिन मर्द रातभर मस्जिदों में इबादत करते हैं, अपने गुनाहों से तौबा करते हैं, अल्लाह से अपनी खुशहाल जिंदगी की दुआ करते हैं. जबकि, औरतें और लड़कियां घरों में रहकर नमाज पढ़ती हैं, कुरान की तिलावत करती हैं, अल्लाह से अपने गुनाहों से माफी मांगती है.
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