काल भैरव ने जैसे ही ब्रह्माजी का 5वां सिर काटा, वह सिर उनके हाथ से चिपक गया. उसी समय भोले बाबा काल भैरव के सामने प्रकट हुए. उन्होंने काल भैरव को बताया कि ब्रह्माजी का सिर काटने की वजह से ब्रह्म हत्या. का दोष लग चुका है. अपने किए का पश्चाताप करने के लिए तुम्हें तीनों लोकों का भ्रमण करना होगा. भ्रमण के दौरान जिस जगह तुम्हारे हाथ से यह सिर छूट जाएगा, वहीं तुम इस पाप से मुक्त हो जाओगे.