Vastu Tips: राजा महाराजाओं के महल में एक कोप भवन हुआ करता था. रामायण में भी आपने इसका जिक्र सुना होगा. कैकयी राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगने के लिए नाराज होकर कोप भवन में चली गई थीं. कोप भवन वो स्थान होता था, जहां अपने मन के अंदर दबी नकारात्मक भवनाओं और अवसाद को छोड़ने के लिए कुछ समय व्यतीत करना अच्छा माना जाता था. आधुनिक शब्दों में कहें तो खुद को डीटॉक्स करने के स्थान को कोप भवन कहा जाता था.
क्या आप जानते हैं कि वास्तु की दृष्टि से वो दिशा कौन सी है, जहां अपनी पुरानी दुखद यादों को छोड़ने के लिए कुछ समय व्यतीत करना अच्छा माना जाता है. आजकल बात-बात पर डिप्रेशन में आना आम बात हो गई है. विशेषकर युवा वर्ग में ये दिक्कत ज्यादा देखी जा रही है. ऐसे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम (WNW) दिशा को वास्तुदोष से मुक्त रखकर हम अपने घर के सदस्यों की मनोस्थिति को हाफी हद तक संतुलित रख सकते हैं.
पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा घर का वो स्थान है, जो आपको डीटॉक्स करने में मदद करता है. बशर्ते इस दिशा में कोई वास्तु दोष न हो. हालांकि पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में टॉयलेट का होना भी अच्छा माना जाता है. यदि इस दिशा में आपके घर में शौचालय है तो आप कभी पुरानी बातों को पकड़कर बैठने वाले व्यक्ति नहीं होंगे. नकारात्मक चीजों को छोड़ना आप बखूबी जानते होंगे.
इसके विपरीत इस दिशा में लाल और हरा रंग अवसाद, तनाव को ट्रिगर करने वाला साबित हो सकता है. आप किसी एक पुरानी बात को पकड़कर बैठ जाओगे और उसे छोड़ना आपके लिए बड़ा मुश्किल होगा. इस दिशा में अपनी व पारिवारिक फोटो गलती से भी नहीं लगानी चाहिए.
इस दिशा में कभी न करें ये गलतियां
यहां 10-15 मिनट बैठना तो ठीक है, लेकिन ज्यादा समय व्यतीत करना ठीक नहीं है. इसलिए इस दिशा में बेडरूम कभी नहीं होना चाहिए. यदि आपके घर में भी कोई ऐसा सदस्य है, जो पुरानी बातों को बार-बार सोचकर डिप्रेशन में आ जाता है तो गौर कीजिए. कहीं इस दिशा में उस व्यक्ति की फोटो तो नहीं लगी है. या फिर इस दिशा में वह अधिक समय तो व्यतीत नहीं कर रहा है.