Valentine's Day 2023: हमारे जीवन की बड़ी पहेली का एक छोटा सा हिस्सा हमारी डेटिंग लाइफ या रिश्ते हैं. लेकिन जिंदगी के इस छोटे से लम्हे को हसीन बनाने के लिए हमें एक सही और योग्य पार्टनर की जरूरत होती है. यदि ऐसा न हो तो जीवन एक पीड़ा या चुनौती के समान लगने लगता है. इंसान का रिश्तों से भरोसा उठने लगता है. आइए वैलेनटाइन डे से एक दिन पहले ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु से जानते हैं कि आखिर शादी के लिए एक सही पार्टनर कैसे चुना जाए.
सद्गुरु कहते हैं, 'हम हर चीज को एक्सपायरी डेट दे रहे हैं, जिसमें इंसानी रिश्ते भी शामिल हैं. मौजूद दौर में रिश्ते जरूरतों पर आधारित हो गए हैं. लोग जरूरतें पूरी करने के लिए एक दूसरे से जुड़ते हैं. ये जरूरतें शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक या आर्थिक हो सकती हैं. लेकिन वो खास रिश्ता जिसे आप रोमांटिक कहते हैं, उसमें ज्यादातर समय रोमांस नहीं होता है. बस कुछ जरूरतें होती हैं.'
सद्गुरु के अनुसार, 'प्रेम के मामले में सबसे पहले रोमांस का मतलब समझना जरूरी है. रोमांस का मतलब है कि आप मूल रूप से जीवन के सबसे सुंदर हिस्से की बात कर रहे हैं. प्रेम में किसी इंसान का शरीर और भावनाएं दोनों शामिल होते हैं. विचार इनसे अलग होते हैं. कोई इंसान विचारों के स्तर पर किसी से खिलवाड़ कर सकता है और पीछे हट सकता है. ये बहुत लचीले होते हैं. लेकिन एक बार जब शरीर और भावनाएं शामिल होते हैं तो आपके अंदर उनकी छाप विचार प्रक्रिया से कहीं ज्यादा गहरी होती है.'
प्यार की चाहत में लोग तरह-तरह के डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने लगे हैं. टेक्नोलॉजी एक जबरदस्त टूल है. लेकिन हमें समझना होगा कि इसकी मदद से हम अपने जीवन को कैसे बेहतर बनाएं. टेक्नोलॉजी केवल उन शक्तियों और क्षमताओं का विस्तार है जो हमारे पास पहले से उपलब्ध हैं. पहले लोग केवल अपने आस-पास या पड़ोस में रहने वाली लड़की के प्यार में पड़ सकते थे. लेकिन अब 10 हजार मील दूर शख्स से प्यार करना भी संभव है. यदि इसका सही उपयोग किया जाए तो कई बुरी बात नहीं है.
सद्गुरु ने एक बार कहा था, 'जब मैंने शादी की थी तब मैं बस एक लड़की से मिला. मुझे उसका घर का नाम पता था. मैं उसका पूरा नाम तक नहीं जानता था. मैंने मन ही मन उससे शादी करने का फैसला कर लिया. जब यह बात मैंने अपने पिता को बताई, तो उन्होंने मुझसे लड़की के पिता और घर-परिवार के बारे में पूछा. मैंने उनसे कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता है. मेरे पिता ने कहा- तुम उस लड़की के बारे में कुछ नहीं जानते हो, फिर उससे शादी कैसे करोगे.'
सद्गुरु कहते हैं, 'शादी के लिए एक सही पार्टनर को चुनते वक्त कुछ जरूरी बातें याद रखें. अगर आप किसी इंसान से मिलते हैं. वो आपको अच्छा लगता है. आप उसकी तरफ आकर्षित हैं. आप उनके बारे में नहीं सोच रहे, बल्कि उनका ख्याल अपने आप जेहन में आ रहा है. पढ़ाई या फिल्म देखते वक्त आपको बस उन्हीं का चेहरा दिखाई देता है तो ऐसे इंसान के साथ रिश्ते के लिए आपको समर्पित हो जाना चाहिए. रिश्तों में भावनाओं का मधुर होना जरूरी है. इसे किसी सुंदर, अमीर या मजबूत शख्स के लिए छोड़ना बेवकूफी है.'