scorecardresearch
 

Shani Jayanti 2026: आज 13 साल बाद अद्भुत संयोग! बस कर लें ये 5 काम, दूर होगा शनि दोष

Shani Jayanti 2026: क्या आप शनि दोष से परेशान हैं? 13 साल बाद शनि जयंती पर बन रहा है खास शनिवार का संयोग. जानें साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने वाले विशेष उपाय और पूजा विधि

Advertisement
X
यदि आप शनि की टेढ़ी नजर से परेशान हैं, तो आज विशेष उपाय आपकी किस्मत बदल सकते हैं. 
यदि आप शनि की टेढ़ी नजर से परेशान हैं, तो आज विशेष उपाय आपकी किस्मत बदल सकते हैं. 

Shani Jayanti 2026: हिंदू धर्म में शनि देव को कर्मफल दाता माना जाता है. साल 2026 की शनि जयंती आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास होने वाली है. आज 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक ऐसा दुर्लभ शनिवार का संयोग बना है, जो भक्तों के लिए कष्टों से मुक्ति का सुनहरा अवसर लेकर आया  है. यदि आप शनि की टेढ़ी नजर या जीवन में आ रही बाधाओं से परेशान हैं, तो इस दिन किए गए विशेष उपाय आपकी किस्मत बदल सकते हैं. 

13 साल बाद बना अद्भुत संयोग
साल 2026 में शनि जयंती के दिन एक अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग बना है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा संयोग लगभग 13 साल पहले देखा गया था. शनिवार के दिन ही शनि जयंती का पड़ना सोने पर सुहागा माना जाता है, क्योंकि शनिवार स्वयं शनि देव को समर्पित है.  इस संयोग में पूजा करने से शनि देव शीघ्र प्रसन्न होते हैं.  इसके अलावा कल शनि जयंती पर करीब 300 साल बाद सूर्य-बुध युति से बुद्धादित्य योग, गजकेसरी योग, शश महापुरुष योग और सौभाग्य योग एक साथ बन रहे हैं. 

साढ़ेसाती और ढैय्या से मिलेगी राहत
जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उनके लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है.  इस विशेष दिन पर विधि-विधान से पूजा करने पर शनि दोष के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं.  मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को इस शुभ मुहूर्त का लाभ जरूर उठाना चाहिए. 

Advertisement

शनि देव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय
शनि जयंती पर कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय करके आप शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.  इस दिन सरसों के तेल का दीपक जलाना और उसमें काले तिल डालना अत्यंत लाभकारी होता है.  इसके अलावा, शनि चालीसा का पाठ करना और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि आती है. 

दान-पुण्य का विशेष महत्व
इस दिन दान करने का फल कई गुना बढ़ जाता है.  जरूरतमंदों को काले कपड़े, काली उड़द की दाल, छाता या जूते दान करना शुभ माना जाता है. पीपल के पेड़ के नीचे जल अर्पित करने और सात परिक्रमा करने से पितृ दोष और शनि दोष, दोनों से मुक्ति मिलती है. 

पूजा के दौरान बरतें ये सावधानी
शनि देव की पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है. कभी भी शनि देव की मूर्ति की आंखों में सीधे न देखें, बल्कि उनके चरणों के दर्शन करें. पूजा के दौरान मन को शांत रखें . सात्विक भोजन ग्रहण करें. पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई सेवा ही आपको शनि के प्रकोप से बचा सकती है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement