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Ramadan 2026: भारत में दिखा रमजान का चांद, 19 फरवरी को पहला रोजा, जानें सेहरी-इफ्तार टाइमिंग

Ramadan 2026: भारत में रमजान 2026 का चांद नजर आ गया है और 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा. इसकी मरकजी चांद कमेटी ने भी पुष्टि की है. जानें दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना समेत प्रमुख शहरों में सेहरी और इफ्तार की सही टाइमिंग.

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रमजान का महीना आज से हुआ शुरू और इसी कारण 19 फरवरी यानी कल से पहला रोजा रखा जाएगा (Photo: ITG)
रमजान का महीना आज से हुआ शुरू और इसी कारण 19 फरवरी यानी कल से पहला रोजा रखा जाएगा (Photo: ITG)

Ramadan 2026: देशभर में आज रमजान का चांद नजर आ गया है और इसके साथ ही पाक महीने की शुरुआत हो गई है. इसी के साथ 19 फरवरी को भारत में पहला रोजा रखा जाएगा. मरकजी चांद कमेटी फरंगी महल के सदर एवं शाही इमाम लखनऊ मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने एक अधिकारिक बयान जारी करके भी बताया है कि 18 फरवरी यानी आज रमजान का चांद नजर आ गया है और इसलिए 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा. इसके साथ ही 18 फरवरी यानी आज से तरावीह की नमाज भी शुरू हो गई है. 

कैसे होती है रमजान की गणना?

जानकारी के मुताबिक, इस्लाम में महीनों की गणना चांद के अनुसार होती है. चांद के घटने-बढ़ने के आधार पर इस्लामी कैलेंडर चलता है, इसलिए हर साल रमजान की तारीख अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से बदल जाती है. जिस दिन चांद दिखाई देता है, उसके अगले दिन से रोजा शुरू होता है.

क्या होती है तरावीह की नमाज

तरावीह का मतलब है आराम या ठहराव. रमजान के महीने में यह नमाज हर रात ईशा की नमाज के बाद पढ़ी जाती है. यह फर्ज नहीं है, लेकिन इसे बहुत अहम सुन्नत माना जाता है. इसलिए रमजान के दौरान दुनिया भर की मस्जिदों में पुरुष और महिलाएं मिलकर तरावीह की नमाज अदा करते हैं. माना जाता है कि जो लोग रमजान में तरावीह पढ़ते हैं, उन्हें अल्लाह की तरफ से खास सवाब मिलता है और उनके गुनाह माफ हो सकते हैं.

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क्या होता है रोजा?

रोजा का मतलब है सुबह सूर्योदय से पहले (फज्र की अजान) से लेकर सूर्यास्त तक कुछ भी खाना-पीना छोड़ देना. इस दौरान मुसलमान न सिर्फ खाने और पानी से दूर रहते हैं, बल्कि अपनी अन्य शारीरिक इच्छाओं पर भी नियंत्रण रखते हैं. गर्मी, लंबा समय या थकान जैसी कठिनाइयों के बावजूद, लोग पूरे विश्वास और सच्चे मन से रोजा रखते हैं.

रमजान के महीने में कैसे की जाती है इमादत?

रमजान का पाक महीना खुदा की इबादत का महीना बताया गया है. इस पूरे महीने में लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और रोजे-नमाज के पाबंद रहते हैं. रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम लोग सुबह सेहरी खाकर रोजे की शुरुआत करते हैं और शाम में इफ्तार के समय रोजा खोल लेते हैं.  

सहरी और इफ्तार की टाइमिंग

देश में अलग-अलग शहरों में सेहरी और इफ्तार का समय आगे-पीछे होता है. ऐसे में जिस शहर में आप हैं, वहां के अनुसार ही इफ्तार और सेहरी का समय तय होता है. आइए जानते हैं कि दिल्ली, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, लखनऊ, पटना में 19 फरवरी 2026 को सेहरी और इफ्तार का समय क्या रहेगा.

दिल्ली में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 6 बजकर 13 मिनट है.

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लखनऊ में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 6 बजे है.

हैदराबाद में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर 28 बजे पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 6 बजकर 19 मिनट है.

मुंबई में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर  52 मिनट पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 6 बजकर 40 मिनट है.

पटना में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर 5 मिनट पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 5 बजकर 44 मिनट है.

जयपुर में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम  6 बजकर 21 मिनट है.

इंदौर में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 6 बजकर 24 मिनट है.

पुणे में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर 47  मिनट पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 6 बजकर 36 मिनट है.

बंगलुरु में सहरी करने का समय सुबह 5 बजकर 29 मिनट पर खत्म हो जाएगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट है.

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