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Premanand Maharaj: 'मुझे भूतों का राजा बनना है,' प्रेमानंद महाराज से पूछा एक व्यक्ति ने अजीब सवाल, मिला ये उत्तर

Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज के अनुसार भूत-प्रेत से डरने की जरूरत नहीं होती है. उन्होंने बताया कि भगवान का नाम जप, खासकर राम और हनुमान जी का स्मरण, सभी नकारात्मक शक्तियों को दूर कर सकता है.

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प्रेमानंद महाराज (Photo: ITG)
प्रेमानंद महाराज (Photo: ITG)

Premanand Maharaj: जब किसी व्यक्ति के जीवन में उलझनें या परेशानियां बढ़ जाती हैं, तो वह सही रास्ता ढूंढने की कोशिश करता है. ऐसे समय में प्रेमानंद महाराज के विचार और उनके दिए गए सरल उपाय लोगों को समझने में मदद करते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए. उनकी बातें सिर्फ धार्मिक नहीं होतीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली होती है. यही कारण है कि लोग अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं, मानसिक तनाव या दुविधाएं लेकर उनके पास जाते हैं और उनके मार्गदर्शन से राहत महसूस करते हैं. 

इसी तरह की दुविधा लेकर एक व्यक्ति प्रेमानंद महाराज के पास पहुंचा. उस व्यक्ति ने महाराज जी के सामने एक अजीब तरह की बात कही, जिसको सुनकर प्रेमानंद महाराज भी मुस्करा पड़े. दरअसल, उस व्यक्ति ने प्रेमानंद महाराज से कहा कि, महाराज जी मेरी मां को भूतों ने परेशान कर रखा है और मैं उन भूतों पर शासन करना चाहता हूं. इसलिए मुझे शैतानों का राजा बना दिया जाए.'

भूतों के राजा हैं भगवान शंकर

यह बात सुनकर प्रेमानंद महाराज मुस्कुराते हुए बोले कि, 'भूतों के राजा तो भूतेश्वर भगवान शंकर हैं. भूतेश्वर भगवान शंकर भूतों के ईश्वर हैं. इसलिए शैतान का राजा मत बनो बल्कि देवताओं के राजा बनने की कोशिश करो. इस इच्छाप्राप्ति के लिए सिर्फ और सिर्फ भगवन नाम जप करो. भगवन नाम जब से सब ठीक हो जाएगा.'

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जैसा कहा गया है कि- 'भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे।'

आगे प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'सोचो जिनके सेवक का नाम लेने की इतनी महिमा है की भूत पिशाच निकट नहीं आते हैं. राम राम कहोगे कहते ही वह जड़ से मुक्त हो जाएगा. भूत योनि से ही मुक्त हो जाएगा. इसलिए कोई मत डरो. कभी भूत से डरना मत वो तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. वो अपने कल्याण के लिए तुम्हारे पास आता है कि कोई राम सुना दे कोई कृष्ण नाम सुना दे. राधा राधा नाम जप से भी भूत का उद्धार हुआ है. एक बार करके देख लेना.'

प्रेमानंद महाराज ने भी किया भूत का सामना

फिर, प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'हमने स्वयं भी श्मशान और गंगा किनारे कई बार ऐसे अनुभव किए हैं, लेकिन कभी किसी ने हमें नुकसान नहीं पहुंचाया. उनका भी कल्याण हुआ और हमें भी कोई हानि नहीं हुई. इसलिए, भूतों से मत डरो. भूत-प्रेत भी 84 लाख योनियों में से एक योनि है. वे उसी व्यक्ति को कष्ट देते हैं, जिसके कर्म खराब होते हैं. भगवान की इच्छा के बिना वे किसी को परेशान नहीं कर सकते हैं. यदि किसी पर भूत-प्रेत का प्रभाव हो, तो उस व्यक्ति को भगवान का नाम सुनाएं. उस पर जल छिड़क दें या जल पिला दें. ऐसा करने से निश्चित ही प्रभाव कम हो जाता है. इसलिए शैतानों का राजा बनने की इच्छा छोड़ो और भगवान के दास बनने की कोशिश करो, यही सबसे उत्तम मार्ग है.'

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