Phulera Dooj 2026: आज फुलेरा दूज है. यह त्योहार हर साल फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि फुलेरा दूज त्योहार होने के साथ-साथ साल का एक अबूझ मुहूर्त भी है. कहते हैं इस तिथि पर किए गए शुभ कार्यों का प्रतिफल बहुत अच्छा होता है. इस दिन किसी भी मांगलिक कार्य को करने के लिए मुहूर्त या पंचांग देखने की जरूरत भी नहीं होती है. आइए जानते हैं कि इस साल फुलेरा दूज पर पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और इसकी पूजन विधि क्या है.
फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि 18 फरवरी को दोपहर 04 बजकर 57 मिनट से लेकर 19 फरवरी को दोपहर 03 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. आज दोपहर 12.17 बजे से लेकर दोपहर 01.03 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा और दोपहर 1 बजे से लेकर 02.33 बजे तक अमृत काल रहेगा. आप पूजा पाठ या कोई भी शुभ कार्य इन मुहूर्तों में कर सकते हैं. हालांकि यह तिथि अपने आप में एक मुहूर्त है, इसलिए आप किसी भी समय पूजा-पाठ कर सकते हैं.
फुलेरा दूज की पूजन सामग्री
इस दिन पूजा के लिए राधा-कृष्ण की प्रतिमा या चित्र, गुलाब का फूला, गेंदे का फूल, सफेद फूल श्रृंगार सामग्री जैसे चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर, गुलाल, माखन-मिश्री, मौसमी फल, घी का दीपक, अगरबत्ती, कपूर, गंगाजल, चंदन और अक्षत तैयार रखें.
फुलेरा दूज की पूजा विधि
फुलेरा दूजा के दिन सवेरे स्नानादि के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल को साफ कर व्रत का संकल्प लें. राधा-कृष्ण की प्रतिमा को गंगाजल व पंचामृत से स्नान कराएं. श्रीकृष्ण को पीले वस्त्र और राधा रानी को सुंदर परिधान अर्पित करें. मुकुट में मोरपंख सजाएं. फूल अर्पित करें, क्योंकि इस दिन फूलों से होली खेलने की परंपरा है. घी का दीपक जलाकर चंदन का तिलक लगाएं, मंत्र जाप के साथ धूप-अगरबत्ती अर्पित करें और अंत में माखन-मिश्री व सात्विक भोग समर्पित करें.
फुलेरा दूज पर कौन से शुभ कार्य कर सकते हैं?
शादी-विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन के लिए यह दिन बहुत शुभ माना जाता है. इसके अलावा नया व्यवसाय या नई नौकरी शुरू करने के लिए भी यह दिन अच्छा है. कोई भी धार्मिक संस्कार या अनुष्ठान भी आप फुलेरा दूज पर कर सकते हैं.