हिंदू धर्म में फुलेरा दूज (Phulera Dooj) का काफी महत्व है. पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज मनाई जाती है. यह दिन बहुत खास माना जाता है. होली से पहले फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा की जाती है.
मंदिरों में इस दिन श्री कृष्ण और राधा रानी को फूलों से सजाया जाता है और उन पर खूब फूल बरसाए जाते हैं. फुलेरा दूज के दिन श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा का विधान है. फुलेरा दूज का त्योहार ब्रज (Braj) में मुख्य रूप से मनाया जाता है. इस दिन श्रीकृष्ण और राधा रानी के साथ फूलों की होली खेली जाती है और माखन मिश्री का भोग लगाया जाता है (Phulera Dooj Rituals).
Phulera Dooj 2026: फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि 18 फरवरी को शाम 4 बजकर 57 मिनट से लेकर 19 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 58 मिनट तक रहने वाली है. ऐसे में फुलेरा दूज 19 फरवरी दिन गुरुवार को मनाया जाएगा.
Phulera Dooj 2025: पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज मनाई जाती है. होली से पहले फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा की जाती है. मंदिरों में इस दिन श्री कृष्ण और राधा रानी को फूलों से सजाया जाता है और उन पर खूब फूल बरसाए जाते हैं.
Phulera Dooj 2025: बसंत पंचमी और होली के बीच फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है. इस दिन का हर क्षण शुभ और पवित्र होता है. इस दिन बिना मुहूर्त देखे सारे मंगल काम किए जाते हैं.