Nautapa 2026: सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा (25 मई से 2 जून) प्रारम्भ हो जाएगा. इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती है और शरीर में पानी की कमी, थकान और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं. इन नौ दिनों में खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि नौतपा में खान-पान और दैनिक गतिविधियों में ग्रहों की स्थिति के हिसाब से चीजें तय की जाएं तो इसका बड़ा लाभ मिलता है.
नौतपा में क्या खाएं?
नौतपा में शरीर को ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है. ऐसे में जल तत्व से जुड़ी चीजों का सेवन लाभकारी माना जाता है. ज्योतिष में चंद्रमा और कुछ हद तक शुक्र को शीतलता और जल का कारक माना गया है. ऐसे में दही, छाछ, नारियल पानी, बेल का शरबत, तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे फल और पेय पदार्थ का सेवन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है. इनमें इलेक्ट्रोलिट्स और मिनरल भी अच्छी मात्रा में होते हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों सात्विक भोजन करना अच्छा होता है. सात्विक भोजन मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे मूंग दाल, दलिया, खिचड़ी और हरी सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए.
क्या न खाएं?
नौतपा की समयावधि में तामसिक भोजन से दूर रहें तो बेहतर है. ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और बासी भोजन शरीर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है. खासकर दिन के समय भारी भोजन करने से आलस्य और थकान बढ़ सकती है. कई लोग इस दौरान प्याज, लहसुन और मांसाहार से भी परहेज करते हैं.
साथ ही, सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल अर्पित करना और मौसमी फलों का दान करना भी शुभ माना गया है. नौतपा के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. तेज धूप में बाहर निकलने से बचें. यदि जरूरी हो तो सिर को ढककर ही बाहर जाएं. खान-पान में लापरवाही हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है.
ज्योतिष और स्वास्थ्य दोनों दृष्टिकोण से नौतपा के नौ दिनों में संतुलित, हल्का और ठंडक देने वाला भोजन अपनाना लाभकारी माना जाता है. सही खान-पान और पर्याप्त पानी का सेवन इन दिनों शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है.
पानी पीने का नियम
नौतपा में पानी पीने के नियम को भी बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में लगातार पानी निकलता रहता है. इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए. तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने अच्छा है. यह धातु सूर्य से जुड़ी है. इसलिए सूर्य देव की आप पर कृपा रहेगी और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी फायदा होगा. हालांकि बहुत अधिक ठंडा पानी या बर्फ वाले पेय पदार्थों से पाचन तंत्र प्रभावित होता है. इसलिए अधिक ठंडा और बरफ का अधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकते हैं.