Chandrma Gochar: ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है. लेकिन जब चंद्रमा कमजोर या प्रतिकूल अवस्था में होते हैं, तो इसका असर व्यक्ति की सेहत, मानसिक स्थिति और आर्थिक संतुलन पर साफ़ दिखाई देता है. फरवरी माह की 10 तारीख को रात 01:11 बजे चंद्रमा तुला राशि से निकलकर अपनी नीच राशि वृश्चिक में प्रवेश करने वाले हैं. चंद्रमा का यह राशि परिवर्तन कुछ राशियों के लिए कठिन परिस्थितियां लेकर आ सकता है. ऐसे में जानना जरूरी है कि किन राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी.
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए चंद्रमा का यह गोचर अष्टम भाव में होगा, जिसे अनुकूल नहीं माना जाता. इस दौरान पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं, इसलिए खान-पान में विशेष सावधानी बरतें. बाहर का और भारी भोजन करने से बचें. धन के मामलों में भी सतर्क रहना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही नुकसान का कारण बन सकती है. किसी भी प्रकार का निवेश सोच-समझकर ही करें.
उपाय: मानसिक शांति के लिए चंद्रमा से संबंधित मंत्रों का नियमित जाप करें.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए चंद्रमा छठे भाव में प्रवेश करेंगे. इस कारण विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों से सावधान रहने की आवश्यकता है. कार्यस्थल पर चल रही अंदरूनी राजनीति से दूरी बनाकर रखना आपके हित में रहेगा. सर्दी-जुकाम या हल्का बुखार जैसी समस्याएं उभर सकती हैं. खर्चों पर नियंत्रण रखें और संचित धन को बिना वजह खर्च न करें. लेन-देन करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें.
उपाय: भगवान शिव की कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर जल अर्पित करें.
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर द्वादश भाव में होगा, जिससे बने-बनाए कार्यों में रुकावट आ सकती है. इस दौरान मन में बेचैनी और अनावश्यक चिंताएं बनी रह सकती हैं. मानसिक बोझ को हल्का करने के लिए परिवार के सदस्यों से खुलकर बातचीत करें. यात्रा करते समय अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें. उधार लेने या देने से फिलहाल दूरी बनाकर रखें. स्वास्थ्य में गिरावट भी देखने को मिल सकती है.
उपाय: दूध, दही या सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ रहेगा.