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Akshaya Tritiya Gold Buying Shubh Muhurat 2026: 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया, जानें सोना खरीदने का सबसे शुभ समय और महत्व

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया सिर्फ खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. इस दिन लिया गया छोटा सा निर्णय भी भविष्य में बड़ा लाभ दे सकता है. इसलिए सोच-समझकर किए गए शुभ काम आपकी जिंदगी में लंबे समय तक खुशहाली ला सकते हैं.

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अक्षय तृतीया पर ये रहेगा खरीदारी का मुहूर्त (Photo: ITG)
अक्षय तृतीया पर ये रहेगा खरीदारी का मुहूर्त (Photo: ITG)

Akshaya Tritiya 2026 Gold Buying Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और फलदायी तिथि माना जाता है. यह पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है, जो इस बार 19 अप्रैल 2026 को पड़ रही है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी खत्म नहीं होता है, इसलिए इसे 'अक्षय' कहा गया है. इस खास मौके पर लोग सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य करना और नए काम शुरू करना शुभ मानते हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार खरीदारी के लिए पूरे दिन के साथ अगले दिन सुबह भी अच्छा समय मिल रहा है.

कब पड़ेगी यह शुभ तिथि?

इस साल तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से हो रही है, जो 20 अप्रैल सुबह 7 बजकर 49 मिनट तक रहेगी. ऐसे में मुख्य रूप से 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी, लेकिन 20 अप्रैल की सुबह भी कुछ समय तक शुभ योग बना रहेगा.

सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त (Gold Buying Muhurat)

अगर आप अक्षय तृतीया पर सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं, तो 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट के बाद पूरे दिन खरीदारी कर सकते हैं. इसके अलावा 20 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 51 बजकर सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक भी शुभ समय रहेगा. इस बार लोगों को खरीदारी के लिए लंबा समय मिल रहा है, जो इसे और खास बनाता है.

चौघड़िया मुहूर्त में कब करें खरीदारी?
सुबह का समय (चर, लाभ, अमृत)- 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट
दोपहर का समय (शुभ)- दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 35 मिनट तक
शाम का समय (शुभ, अमृत, चर)- शाम 6 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 57 मिनट तक

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इन समयों में खरीदारी करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है.

अक्षय तृतीया का महत्व क्या है?

अक्षय तृतीया को 'अखा तीज' भी कहा जाता है. यह दिन अबूझ मुहूर्त होता है, यानी बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी आप शुभ काम कर सकते हैं. शादी, गृह प्रवेश, मुंडन या नया बिजनेस शुरू करने के लिए यह दिन बहुत अच्छा माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी और भगवान परशुराम का जन्म भी इसी तिथि पर हुआ था.

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