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Akshaya Tritiya:19 या 20 अप्रैल कब है अक्षय तृतीया ? 100 साल बाद बन रहा है खास संयोग

Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया 2026 पर करीब 100 साल बाद दुर्लभ महासंयोग बन रहा है. इस दिन कई शुभ योग एक साथ बनेंगे, जिससे इसका महत्व बढ़ गया है. मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजा, दान और निवेश से अक्षय फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

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अक्षय तृतीया 2026 पर करीब 100 साल बाद दुर्लभ महासंयोग बन रहा है
अक्षय तृतीया 2026 पर करीब 100 साल बाद दुर्लभ महासंयोग बन रहा है

Akshay Tritiya 2026: साल 2026 की अक्षय तृतीया इस बार बेहद खास मानी जा रही है. ज्योतिषीय दृष्टि से ऐसा दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जो करीब 100 साल बाद देखने को मिल रहा है. कई शुभ योगों का एक साथ बनना इस दिन को और भी शक्तिशाली बना रहा है. मान्यता है कि इस तिथि पर किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है और जीवन में स्थायी सुख-समृद्धि लाता है. 

100 साल बाद बन रहा दुर्लभ महासंयोग
इस बार अक्षय तृतीया पर आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, गजकेसरी योग, त्रिपुष्कर योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे कई शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं.  सूर्य और चंद्रमा की मजबूत स्थिति इस दिन की शुभता को और बढ़ा रही है. ऐसे में यह तिथि धन, सफलता और नई शुरुआत के लिए बेहद खास मानी जा रही है. इससे 4 राशियों को खास फायदा होगा.

मेष राशि (Aries):
सूर्य की मजबूत स्थिति से मान-सम्मान बढ़ेगा. रुका हुआ पैसा मिलने के संकेत हैं. धन लाभ और बचत बढ़ सकती है.

वृषभ राशि (Taurus):
चंद्रमा के प्रभाव से मानसिक शांति मिलेगी. संपत्ति या वाहन खरीदने का योग है. आय के नए स्रोत बन सकते हैं.

सिंह राशि (Leo):
यह समय आर्थिक रूप से फायदेमंद रहेगा. नौकरी में प्रमोशन या इंक्रीमेंट मिल सकता है. पैसों की स्थिति मजबूत होगी.

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वृश्चिक राशि (Scorpio):
भाग्य का साथ मिलेगा. रुका काम पूरा होगा. अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं.

शुभ मुहूर्त (2026)
अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी. 

पूजा का शुभ समय: सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा. 
खरीदारी का मुहूर्त: सुबह 10:49 बजे से पूरे दिन शुभ. 
तृतीया तिथि: सुबह से शुरू होकर अगले दिन तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान सोना-चांदी खरीदना, निवेश करना और नए कार्य शुरू करनाअत्यंत शुभ माना जाता है. 

पूजा विधि
अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. साफ वस्त्र धारण करें. घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें. उन्हें पीले फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें.  इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें. पूजा के अंत में आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें. 

क्या करें इस दिन 

इस दिन सोना, चांदी या कोई भी कीमती वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है. गरीबों को अन्न, जल, वस्त्र या धन का दान करें. घर में जौ या गेहूं लाकर रखना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें और दीपक जलाएं. नए कार्य, व्यवसाय या निवेश की शुरुआत करें

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