जयपुर में प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्रों की सच्चाई सामने आई है. बरकत नगर के एक केंद्र पर अधिकारी कैमरे से दूर रहने लगे और वहां कोई प्रशिक्षु नहीं मिला. मानसरोवर के गूगल लोकेशन वाले केंद्र को स्थानीय लोगों ने कभी अस्तित्व में बताया ही नहीं. अजमेरी गेट के केंद्र में फैशन डिजाइनिंग की छात्राओं ने फीस जमा करने की बात कही, जबकि कंप्यूटर और पार्लर लैब पूरी तरह खाली थीं. यह रिपोर्ट कौशल केंद्रों की जमीन पर स्थिति और उनके कार्यप्रणाली की जांच करती है.