राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता ने निर्देश दिए हैं कि भगवान राम के प्रति सभी की आस्था है. मगर, जोधपुर में अति आवश्यक कार्यों को लेकर आने-जाने वालों के लिए यातायात बाधित नहीं हो. इसकी व्यवस्था जोधपुर के कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर सुनिश्चित करें.
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्य खंडपीठ के जस्टिस दिनेश मेहता ने सोमवार सुबह जोधपुर शहर के झालामंड चौराहे पर रास्ता जाम होने के मामले को स्वप्रेरणा से संज्ञान में लिया. उन्होंने अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल जोशी को निर्देश दिए कि जोधपुर जिला कलेक्टर और जोधपुर पुलिस कमिश्नर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए जाएं.
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ को कोर्ट के निर्देशों से अवगत कराया. इसके बाद दोनों अधिकारी हाईकोर्ट में पहुंचे. कोर्ट ने दोनों से कहा कि हम मानते हैं कि भगवान राम के प्रति सभी की आस्था है. न केवल भगवान राम, बल्कि हर धर्म और त्योहार के प्रति आस्था है.
राहगीरों को आने-जाने में न हो परेशानी- कोर्ट
धार्मिक आयोजन करने को लेकर संविधान में सभी को अधिकार प्राप्त है और आयोजन होने भी चाहिए. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को लेकर पूरे देश में आयोजन हो रहे हैं, जो उनके प्रति आस्था दिखाते हैं. मगर, प्रशासनिक अधिकारी ध्यान रखें कि जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को बिल्कुल भी परेशानी न हो.
कोर्ट ने कहा यह एक विडंबना है कि जहां भगवान राम ने लंका तक पहुंचने के लिए एक पुल बनाया था. वहीं, लोगों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया. राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के जस्टिस दिनेश मेहता ने कहा कि धार्मिक आयोजन का अधिकार है, लेकिन रास्ते बाधित नहीं हो. इस प्रकार की व्यवस्था करने के जोधपुर पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए.
अधिकारी ने कोर्ट को किया आश्वस्त, उठाएंगे हर संभव कदम
वहीं, अधिकारियों ने कोर्ट को आश्वस्त किया है कि भविष्य में जनता की आस्था का सम्मान रखते हुए यातायात सुचारू रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. कोर्ट ने कहा कि कोर्ट आते समय अमूमन देखा गया है कि कुछ लोगों ने झालामंड सर्किल और हाईकोर्ट की ओर जाने वाले रास्ते को बैरिकेड और बैरियर लगाकर बंद कर दिया. इससे अवरोध की स्थिति बन गई.