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जोधपुर: 7 साल बाद दो जोड़ों ने फिर की शादी, बच्चे बने बाराती, पुलिसकर्मियों ने किया कन्यादान

जोधपुर में 7 साल पहले हुई 2 शादी ऐसी बिगड़ी कि मामला थाने तक पहुंच गया. पुलिस ने दोनों परिवारों की काउंसलिंग की. दोनों परिवार राजी हो गए. उन्हें बात समझ में आ गई. शुक्रवार को ढोल-नगाड़ों के साथ बारात थाने पहुंची. यहां पुलिस की मौजूदगी में दोबारा से दोनों दंपत्तियों की शादी धूमधाम से हुई.

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शादी में दोनों जोड़ों के बच्चे भी हुए शामिल. शादी में दोनों जोड़ों के बच्चे भी हुए शामिल.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सात पहले आटा-साटा से शादी के बाद हुआ झगड़ा
  • बच्चों के लिए साथ रहने का वादा, फिर की शादी

राजस्थान के जोधपुर में महिला पुलिस थाने में दो जोड़ों की शादी 7 साल बाद दोबारा धूमधाम से की गई. थाने के बाहर बैंड बाजों के साथ नाचते हुए बाराती आए तो अंदर दुल्हनों के साथ पुलिसकर्मी घराती बने. मामला है दईजर पुलिस थाने का, जहां बारातियों का पुलिसकर्मियों ने फूल-माला से स्वागत किया. दूल्हों ने दुल्हनों के साथ सात फेरे लिए. वहीं, पुलिसकर्मियों ने दुल्हनों का कन्यादान किया. इस अनूठी शादी में दोनों जोड़ों के बच्चे भी शामिल हुए.

दरअसल, दो दंपतियों के बीच छोटा सा झगड़ा तलाक तक पहुंच गया था. मामला महिला पुलिस थाने तक पहुंचा तो थाना अधिकारी ने दोनों की काउंसिलिंग कर समझाया. जब दोनों मान गए तो शुक्रवार शाम थाने में दोनों की दूसरी बार शादी करवाई गई.

बताया जा रहा है कि अरटिया खुर्द और देवातड़ा के दो परिवारों ने 2015 में आटा-साटा में एक-दूसरे के घरों में अपनी-अपनी बेटियों की शादी की थी. यानी देवातड़ा के 30 वर्षीय गिरधारीराम पुत्र कंवराराम की शादी अरटिया खुर्द के जीवनराम की 28 वर्षीय बेटी ऊषा के साथ हुई. वहीं ऊषा के भाई विशनाराम की शादी गिरधारीराम की बहन धारू के साथ की गई.

पारिवारिक झगड़ों से आई दूरियां

कुछ समय बाद पारिवारिक झगड़ों से दोनों परिवारों में दूरियां आ गई. एक साल पहले ऊषा और धारू अपने-अपने पीहर लौट गईं. डेढ़ महीने पहले दोनों परिवारों ने भोपालगढ़ थाने में दहेज प्रताड़ना के परस्पर मामले दर्ज करवा दिए, जांच महिला पुलिस थाना ग्रामीण की सीआई रेणु के पास आई. उन्होंने लगातार दोनों परिवारों व दंपतियों को समझाया. 

पुलिसकर्मियों ने किया बारात का स्वागत.
पुलिसकर्मियों ने किया बारात का स्वागत.

बच्चों के लिए फिर से की शादी

सीआई रेणु के समझाने के बाद दोनों दंपतियों के बीच एक बार फिर प्यार नजर आया. जब उन्हें उनके बच्चों के भविष्य का जिक्र किया तो दोनों दंपति टूट गए और फिर एक दूसरे के साथ रहने के लिए राजी हुए. जांच अधिकारी ने सोचा की क्यों ना विदाई थाने से की जाए. दोबारा शादी के लिए शुक्रवार का दिन तय किया गया, जहां दोनों दुल्हनों को पहले महिला पुलिस थाने लाया गया. कुछ देर बाद दोनों दूल्हे बारात लेकर पुलिस थाने पहुंचे. दोनों जोड़ों की धूमधाम से शादी करवाई गई. 7 साल बाद दोबारा हुई इस शादी में दोनों जोड़ों के बच्चे भी शामिल रहे. 

बता दें, गिरधारी के दो बेटे हैं. वहीं विशनाराम के एक बेटा और बेटी. गिरधारी और विशनाराम दोनों खेती-बाड़ी करते हैं. इस शादी से दोनों जोड़ों के परिवार वाले बेहद खुश हैं.

 

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