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दंगे वाले इलाकों में जमीन की बिक्री पर होगा सरकार का कंट्रोल, क्या है राजस्थान का 'डिस्टर्ब एरिया बिल'

राजस्थान कैबिनेट ने ‘अशांत’ घोषित इलाकों में संपत्ति के ट्रांसफर पर रोक लगाने वाले ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी है, जिससे ऐसे क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त अमान्य होगी और उल्लंघन पर तीन से पांच साल की जेल व जुर्माने का प्रावधान रहेगा. यह बिल अगले सत्र में पेश किया जाएगा और कानून बनने पर राजस्थान, गुजरात के बाद ऐसा करने वाला दूसरा राज्य होगा.

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अगर यह कानून बना तो राजस्थान, गुजरात के बाद ऐसा करने वाला दूसरा राज्य होगा. (File Photo: ITG)
अगर यह कानून बना तो राजस्थान, गुजरात के बाद ऐसा करने वाला दूसरा राज्य होगा. (File Photo: ITG)

राजस्थान कैबिनेट ने 'अशांत' घोषित इलाकों में प्रॉपर्टी के ट्रांसफर को सीमित करने से जुड़े एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी है. अगर यह कानून बनता है, तो गुजरात के बाद राजस्थान ऐसा करने वाला दूसरा राज्य होगा. 

कैबिनेट बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कुछ इलाकों में जनसांख्यिकीय असंतुलन से कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होता है. ऐसे हालात में दंगे या हिंसा के डर से स्थायी निवासी अपनी संपत्ति मजबूरी में बेहद कम दाम पर बेचने को मजबूर हो जाते हैं.

अगले सत्र में पेश होगा बिल

उन्होंने कहा कि किसी इलाके को जब ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया जाएगा, तो वहां सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी अचल संपत्ति का ट्रांसफर अमान्य और शून्य माना जाएगा. इस विधेयक का नाम 'राजस्थान अशांत क्षेत्रों में अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर रोक और किरायेदारों को बेदखली से संरक्षण विधेयक, 2026' (Rajasthan Prohibition of Transfer of Immovable Property and Provision for Protection of Tenants from Eviction from Premises in Disturbed Areas Bill, 2026) है, जिसे विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा.

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इलाकों को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित करने का अधिकार

प्रस्तावित कानून के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार होगा कि वह सांप्रदायिक तनाव से प्रभावित इलाकों को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर सके. इन इलाकों में संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी. नियमों का उल्लंघन करने पर इसे संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना जाएगा, जिसमें तीन से पांच साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान होगा. 

कैबिनेट बैठक में राजस्थान एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी, 2026 को भी मंजूरी दी गई. इसके अलावा प्रशासनिक, ऊर्जा और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े कई फैसले लिए गए. कैबिनेट ने एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को टैक्स छूट और पूंजी सहायता देने का भी फैसला किया.

सेमीकंडक्टर पॉलिसी को मंजूरी

उद्योग और वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य की पहली सेमीकंडक्टर पॉलिसी को भी मंजूरी दी है. इसका मकसद देश में ही सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजाइन और पैकेजिंग को बढ़ावा देना है. यह नीति इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप होगी और इससे बड़े निवेश आएंगे, सेमीकंडक्टर पार्क विकसित होंगे और हाई-टेक नौकरियां पैदा होंगी. इसके तहत पूंजी सब्सिडी, ब्याज में राहत, बिजली शुल्क में छूट और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग प्रोत्साहन दिए जाएंगे.

कैबिनेट के अन्य फैसले

इसके अलावा राजस्थान लोक सेवा आयोग से जुड़े सेवा नियमों में संशोधन, बाल विवाह की परिभाषा को केंद्रीय कानून के अनुरूप करने, बीकानेर और जैसलमेर में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए सशर्त जमीन आवंटन, 23 जनवरी से 12 विभागों के जरिए राज्यभर में ‘ग्राम उत्थान’ शिविर लगाने और बसंत पंचमी के दिन सरकारी स्कूलों में बड़े स्तर पर अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करने को भी मंजूरी दी गई है. इस बैठक में करीब 65 लाख अभिभावकों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है.

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