राजस्थान के नागौर जिले में अवैध विस्फोटक सामग्री के मामले में जांच तेज हो गई है. इस सिलसिले में NIA, गृह मंत्रालय की स्पेशल टीम और खुफिया विभाग की टीमें नागौर पहुंची हैं. केंद्रीय एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जांच शुरू की है.
जानकारी के अनुसार टीमें थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव पहुंचीं, जहां इस मामले के आरोपी सुलेमान खान का घर है. यहां केंद्रीय और स्थानीय एजेंसियों ने आरोपी से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई पहलुओं को खंगाला गया.
आरोपी सुलेमान खान की तबीयत बिगड़ी
इसी बीच आरोपी सुलेमान खान की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए अजमेर रेफर किया. फिलहाल आरोपी अजमेर के एक अस्पताल में भर्ती है और ICU में उसका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों की निगरानी में उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है.
जांच के दौरान आरोपी सुलेमान के साथी बलवंत सिंह को भी हिरासत में लिया गया है. उससे भी लगातार पूछताछ की जा रही है. सूत्रों के अनुसार सुलेमान खान और बलवंत सिंह ने मिलकर इस काम की शुरुआत की थी. बताया जा रहा है कि बलवंत सिंह पहले नौकरी करता था और धीरे धीरे चोरी छिपे इस गतिविधि में शामिल हुआ.
इलाके में अवैध खनन और विस्फोटक उपयोग की जांच तेज
सूत्रों का कहना है कि बलवंत सिंह ने कुछ महीने पहले ही यह काम बंद कर दिया था. जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इस पूरे इलाके में भारी अवैध खनन होता है, जिससे विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है. फिलहाल NIA, गृह मंत्रालय की स्पेशल टीम और खुफिया विभाग पूरे नेटवर्क और गतिविधियों की जांच कर रहे हैं. केंद्रीय एजेंसियां इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई हैं और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.