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'जब मैंने पापा को मार डाला तो तुम क्या चीज हो', मां से बोली थी आयुषी? मामा का भयानक दावा

Neerja Sharma murder case: जयपुर के चर्चित नीरजा शर्मा हत्याकांड में जांच के दौरान लगातार नए दावे सामने आ रहे हैं. अब आयुषी के मामा ने उसके पिता विजय शर्मा की मौत की दोबारा जांच की मांग की है. वहीं पुलिस पूछताछ में आयुषी के कथित बयानों, फरार बलराम की तलाश और हत्या की साजिश से जुड़े कई पहलुओं की जांच तेज कर दी गई है.

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'जब मैंने पापा को मार डाला तो...' मां से बोली थी आयुषी (Photo: itg)
'जब मैंने पापा को मार डाला तो...' मां से बोली थी आयुषी (Photo: itg)

राजस्थान के जयपुर में नीरजा शर्मा हत्याकांड की जांच के बीच लगातार नए दावे सामने आ रहे हैं. एक दिन पहले ही नीरजा शर्मा के भाई और आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने पुलिस में शिकायत देने के साथ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है. उन्होंने आयुषी के पिता विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा की मौत की भी दोबारा जांच कराने की मांग की है. राकेश शर्मा का आरोप है कि अप्रैल 2025 में आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर बीमार पिता की हत्या की थी.

'तीन महीने तक पिता को छुपा कर रखा'

राकेश शर्मा का कहना है कि उस समय विजय शर्मा बीमार जरूर थे, लेकिन उनका इलाज चल रहा था और उनकी तबीयत में सुधार हो चुका था. आरोप है कि आयुषी इलाज के दौरान भी उन्हें ठीक से चिकित्सा नहीं मिलने दे रही थी. इसी दौरान चचेरा भाई बलराम भी विजय शर्मा के घर पर रह रहा था. मामा के मुताबिक, एक दिन आयुषी ने परिवार से कहा कि वह ऐसे डॉक्टर से मिली है जो विजय शर्मा को पूरी तरह ठीक कर देगा. इसके बाद वह बलराम के साथ उन्हें अपने साथ ले गई. आरोप है कि करीब तीन महीने तक परिवार को यह तक नहीं बताया गया कि उन्हें कहां रखा गया है. जब नीरजा शर्मा ने बार-बार पूछा तो बताया गया कि विजय शर्मा दिल्ली रोड स्थित निम्स अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन वह वहां जाकर उनसे मिल भी नहीं सकती थी. मामा का कहना है कि उस समय परिवार का दिव्यांग बेटा ऐसी स्थिति में था कि उसे कुछ मिनट के लिए भी अकेला नहीं छोड़ा जा सकता था.

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'पिता के मरते ही बोली ऐसी बात'

राकेश शर्मा के अनुसार, बाद में आयुषी का मैसेद आया कि विजय शर्मा जयपुर के निविक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं. जब परिवार वहां पहुंचा तो डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर के अधिकांश अंग गंभीर रूप से प्रभावित हो चुके हैं. आरोप है कि अस्पताल से आयुषी उन्हें वापस घर ले आई, जहां उनकी मौत हो गई. इसके बाद आयुषी और बलराम शव को गांव ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया.

मामा का कहना है कि पिता के निधन के तुरंत बाद आयुषी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन करने की बात कही. उन्होंने अपनी बहन नीरजा शर्मा को समझाया कि बेटी का व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा है. राकेश शर्मा का आरोप है कि आयुषी ने परिवार की पूरी संपत्ति भी अपने नाम कराने की इच्छा जताई थी और इसके पीछे चचेरा भाई बलराम उसे लगातार उकसा रहा था. उन्होंने बताया कि विजय शर्मा अपनी बेटी आयुषी और भतीजे बलराम, दोनों को एलएलबी की पढ़ाई करवा रहे थे ताकि दोनों आगे चलकर वकील बन सकें. विजय शर्मा हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर के पद पर कार्यरत थे.

'मां को देखते ही मुझे गुस्सा आता था'

पुलिस पूछताछ में आयुषी ने कथित तौर पर बताया कि उसकी मां का पूरा ध्यान उसके मानसिक रूप से दिव्यांग भाई पर रहता था, जबकि वह खुद को हमेशा अकेला महसूस करती थी. उसने कहा कि दादी, ताऊ और चचेरा भाई बलराम उसके सबसे करीब थे. मां के साथ अक्सर विवाद होते थे और बाद में वह बलराम के कहने पर पिता के दूसरे घर में रहने चली गई. आयुषी ने यह भी कहा कि उसे मां को देखकर हमेशा गुस्सा ही आता था क्योंकि उसे लगता था कि मां भाई को ज्यादा प्यार करती थीं और उसे नजरअंदाज करती थीं. उसने यह भी आरोप लगाया कि घर के मामलों में मामा और नाना का काफी दखल रहता था. हालांकि उसने यह भी कहा कि वह अपने दिव्यांग भाई से बहुत प्यार करती है. पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर बताया कि वह और बलराम अक्सर मां की हत्या की योजना को लेकर बातचीत करते थे.

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'जब पापा का फूड पाइप निकाल दिया तो तुम क्या हो...?'

राकेश शर्मा का दावा है कि एक बार विवाद के दौरान आयुषी ने अपनी मां से कहा था, 'जब पापा का फूड पाइप निकालकर उन्हें मार डाला, तो तुम क्या चीज हो, तुम्हें भी दो दिन में खत्म कर दूंगी.' मामा के मुताबिक, इस कथित धमकी के बाद नीरजा शर्मा ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था कि उनकी जिंदगी के सिर्फ दो दिन बाकी हैं.

चचेरा भाई बलराम अब भी फरार

वहीं, डीसीपी रंजीता शर्मा ने कहा कि घटना के बाद से फरार चल रहे बलराम की तलाश लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि नीरजा शर्मा के परिजनों की ओर से विजय शर्मा की मौत को लेकर जो शिकायत दी गई है, उसकी भी जांच की जाएगी. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आयुषी ने मां की हत्या के पीछे संपत्ति हासिल करने की इच्छा और मां के प्रति गहरी नाराजगी की बात कही है.

 अधिकारियों का कहना है कि एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा आयुषी काफी तेज दिमाग और कानून की समझ रखने वाली है. अब उससे मनोवैज्ञानिकों की मदद से भी पूछताछ की जाएगी. पुलिस का कहना है कि आयुषी अपने बचपन को खराब जरूर बता रही है, लेकिन जब उससे विस्तार से पूछा जाता है कि ऐसा क्यों था, तो वह इस बारे में चुप हो जाती है.

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