राजस्थान एटीएस ने संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस गैंग से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है. एटीएस की इस कार्रवाई में आरोपी अनिल कुमार जाट उर्फ मोंटी के कब्जे से सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फरार गैंगस्टर सुनील कुमार मीणा उर्फ एस.के. के संपर्क में था, जिसे लॉरेंस गैंग का करीबी माना जाता है.
दरअसल, यह कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम. एन. के निर्देशन और महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह के सुपरविजन में की गई. पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी हथियार तस्करी और गैंग से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय है.
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जांच में सामने आया कि आरोपी जयपुर ग्रामीण के सामोद थाना क्षेत्र के बांसा कुशलपुरा का निवासी है और लंबे समय से फरार गैंगस्टर सुनील मीणा के संपर्क में था. सुनील मीणा मूलतः करतारपुर ग्रामीण जालंधर का निवासी है और वर्तमान में भारत से बाहर फरारी काट रहा है.
विदेशी अपराधियों से संपर्क की जानकारी
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सुनील मीणा के विदेशी गैंगस्टरों, खासकर पाकिस्तान में बैठे अपराधियों से भी संपर्क होने की जानकारी मिली है. एटीएस ने अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने घर में कारतूस छिपाकर रखने की बात कबूल की.
इसके बाद एटीएस ने स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया. सूचना के आधार पर सामोद थाना प्रभारी गोपीचन्द के नेतृत्व में उपनिरीक्षक बाबूलाल और टीम ने आरोपी के घर पर दबिश दी.
तलाशी के दौरान मकान की सीढ़ियों में छिपाकर रखे गए सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया.
आर्म्स एक्ट में केस दर्ज, नेटवर्क की जांच शुरू
आरोपी अनिल कुमार जाट उर्फ मोंटी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. जांच एजेंसियां अब उसके गैंग कनेक्शन, हथियारों के स्रोत और संभावित नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही हैं.
एटीएस ने आमजन से अपील की है कि अवैध हथियारों के परिवहन, खरीद-फरोख्त या कब्जे से संबंधित किसी भी सूचना को हेल्पलाइन नंबर 0141-2610949 और व्हाट्सऐप नंबर 900001-999070 पर साझा करें. सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उचित इनाम भी दिया जाएगा.
पूरे मामले में एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही हैं.