राजस्थान के बारां जिले में गुरुवार देर शाम सड़क किनारे चीता नजर आया. इससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई. कूनो से चलकर आया यह वन्य जीव केपी 2 किशनगंज रेंज से निकलकर मांगरोल रेंज के जंगलों में आ गया था. इसके बाद रेनगढ़ मोरेडी सड़क पर आ पहुंचा. सड़क से गुजर रहे लोग चीते को देखकर सहम गए और वहीं ठहर गए. सूचना वन टीम को दी गई, मौके पर पहुंची टीम ने तुरंत लोगों को रुकवाया, और निगरानी बढ़ा दी.
कुछ देर बाद चीता सड़क से उतरकर मोरेडी के जंगलों की ओर चला गया. वन विभाग की टीम ने इसकी लगातार निगरानी बनाए रखी. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों के दौरान इस चीते ने कोई शिकार नहीं किया है. वह दिनभर नहर और पार्वती नदी के बीच वाले जंगल में घूम रहा था.
यह भी पढ़ें: बारिश के बीच कूनो के जंगल से बाहर निकली चीता फैमिली, हाइवे पर सैर करती दिखी, वीडियो आया सामने
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह चीता बारां जिले के जंगलों में पूरी तरह से ढल गया है. वह अपने सुरक्षित टेरेटरी के लिए लगातार इलाके में मूवमेंट कर रहा है. वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और सड़क से गुजरने वाले लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है. किसी भी अप्रत्याशित घटना से बचने के लिए लोगों को जंगल के किनारे जाने या अकेले यात्रा करने से बचने की हिदायत दी गई है.
चीता बारां जिले में कूनो नेशनल पार्क से आया है और किशनगंज रेंज के जंगलों में रह रहा है. वन्यजीव अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में अब यह चीता अपनी नई सुरक्षित टेरेटरी में स्थायी रूप से रह रहा है. वन विभाग ने इसके मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए विशेष टीम तैनात की है और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी जारी है. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यह चीता जंगल में रहते हुए शिकार के लिए केवल प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करता है. विभाग ने कहा है कि लोग सावधानी बरतें.