राजस्थान के खुशखेड़ा-करोली औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया. इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
मरने वालों में से सात के शव मौके से बरामद हुए, जो इस कदर जल चुके थे कि उनकी पहचान करना नामुमकिन है. अब मृतकों की शिनाख्त के लिए DNA टेस्ट का सहारा लिया जाएगा.
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह परिसर एक गारमेंट फैक्ट्री (कपड़ा फैक्ट्री) के नाम पर लीज पर लिया गया था, लेकिन इसकी आड़ में यहां अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था. जब धमाका हुआ, तब फैक्ट्री के भीतर 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे.
धमाका इतना जोरदार था कि शवों के चिथड़े उड़ गए और कई मजदूर जिंदा जलकर कंकाल बन गए. पुलिस को मौके से बारूद और भारी मात्रा में तैयार पटाखे बरामद हुए हैं.
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सरकार सख्त: मुआवजे और जांच के आदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बचाव कार्य के निर्देश दिए. वन मंत्री संजय शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जांच के आदेश दिए हैं. जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और अब भिवाड़ी के सभी औद्योगिक केंद्रों की सघन जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.
हादसे में जान गंवाने वाले कुछ मजदूर बिहार के रहने वाले थे. मौके पर पहुँची फॉरेंसिक टीम ने हड्डियों के नमूने और साक्ष्य एकत्र किए हैं. दिल्ली के सफदरजंग और एम्स में भर्ती घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है.