पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में भीषण गर्मी के कारण लगातार हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. गर्मी में पानी की कमी के कारण पिछले कुछ दिनों में 10 से अधिक गायों की मौत का दावा किया जा रहा है. आबादी क्षेत्र के पास गांवों के शवों से संक्रमण और बीमारी का खतरा भी बढ़ने की आशंका है. पूरा घटनाक्रम देरासर गांव से सामने आया है.
दूसरी तरफ ग्रामीणों का आरोप है कि मवेशी तो क्या इंसान भी यहां पानी की बूंद -बूंद के लिए तरस रहा है. पानी के किल्लत के कारण ही गौवंश की मौत हुई है.
ग्रामीणों का कहना है कि जिस नहर से पानी आता है वो नगर सूख गई है. गायों के शवों का वीडियो सामने आने के बाद अब प्रशासन हरकत के आया है और गांव में टैंकरों से पानी की सप्लाई भेजी है.
बाड़मेर में लगातार भीषण गर्मी का दौर जारी है. इस सीजन में यहां सर्वाधिक 48.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. हालांकि, प्रतिदिन तापमान 40 डिग्री से ऊपर ही रहता है और ग्रामीण इलाकों में इससे भी ज्यादा गर्मी है.
एक माह से नहर में क्लोजर
देरासर गांव की आबादी करीब है. जहां लिफ्ट कैनाल से पानी की सप्लाई होती है. लेकिन, करीब 1 माह से लिफ्ट कैनाल का क्लोजर चल रहा है. इससे पेयजल किल्लत को लेकर संकट बढ़ गया है. इसके अलावा केवल हैंडपम है.
ग्रामीणों का कहना है कि क्लोजर के बीच में कुछ बार पानी की सप्लाई खोली गई थी. लेकिन, इससे पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई. वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि मवेशी और हज़ारों लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. लेकिन, आज सोमवार सुबह तक जलदाय विभाग ने कोई टैंकर नहीं भेजे है.
प्यास से गौवंश की मौत
ग्रामीणों का दावा है कि भीषण गर्मी में पीने के लिए पानी नहीं मिलने के कारण गौवंश की मौत हुई है. एक गाय का शव पानी के कुंड में मिला है. ग्रामीणों का कहना है कि गाय कुंड तक पानी पीने आई थी. लेकिन, जब पीने को पानी नहीं मिला तो तड़फ -तड़फकर गाय की मौत हो गई. देखें VIDEO:-
समस्या का नहीं हुआ समाधान
ग्रामीण अजीज खान ने कहा कि पानी की समस्या को लेकर रामसर स्थित जलदाय विभाग के कार्यालय में जाकर कहा था. लेकिन, रविवार तक कोई पानी का टैंकर नहीं पहुंचा. सरपंच (प्रशासक) अरशद राजड़ के मुताबिक नहर का पानी बंद होने से पानी की किल्लत बढ़ी है. गांव में अब तक 6 गायों की मौत हो चुकी है. प्रशासन को गौवंश और ग्रामीणों के लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए.
जिम्मेदारों ने क्या कहा ?
SDM रामलाल मीणा ने बताया कि तहसीलदार को निर्देशित कर कहा है कि देरासर गांव के गौवंश की रिपोर्ट बनाकर दें और जलदाय विभाग को भी पानी के टैंकर भिजवाने को कहा है.
पीएचईडी डिपार्टमेंट के एसई हजारीराम बालवा ने बताया कि "ग्रामीणों की शिकायत के बाद पानी की व्यवस्था कर दी गई है. बाड़मेर लिफ्ट कैनाल से रामसर के करीब 31 गांव जुड़े हुए है, इसमें देरासर गांव भी शामिल है. एक माह से क्लोजर होने के कारण नियमित सप्लाई नहीं हो पाई है.