
क्या कोई भी महिला इतनी निर्दयी हो सकती है कि अपने ही पति और बच्चों की जान ले ले? जी हां, ऐसा ही मामला राजस्थान के अलवर से 5 साल पहले सामने आया था. जहां 3 बच्चों की मां को गैर मर्द से प्यार हो गया. फिर उस प्यार के लिए उसने अपने ही पति, 3 बच्चों और एक भतीजे को मार डाला.
हालांकि, 5 साल बाद आखिरकार इस मामले में फैसला आया और कोर्ट ने महिला और उसके प्रेमी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. लेकिन क्या था ये पूरा मामला चलिए जानते हैं...
दरअसल, शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर 2017 की रात को एक परिवार के 4 बच्चों समेत 5 लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी. जांच शुरू हुई और 7 अक्टूबर 2017 को पुलिस ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस के अनुसार, अवैध संबंधों के चलते पत्नी और प्रेमी ने मिलकर बनवारी लाल शर्मा उसके तीन बेटों और एक भतीजे की गला काट कर हत्या की थी.
पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी संतोष उर्फ संध्या, बड़ौदा मेव के रहने वाले उसके प्रेमी हनुमान प्रसाद जाट और दो सुपारी किलर कपिल और दीपक (दोनों नाबालिग) को गिरफ्तार किया. तभी से कोर्ट में यह केस चल रहा था.

ऐसे शुरू हुई लव स्टोरी
अलवर जिला पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया था कि मृतक की पत्नी और हनुमान प्रसाद साथ-साथ ताइक्वांडो सीखने के बाद कोचिंग का भी काम करते थे. इस दौरान दोनों में प्रेम प्रंसग हो गया और अवैध संबंधों तक इनके संबंध कायम हो गए. इसके बाद दोनों ने शादी करने का विचार बनाया. इन दोनों के बीच करीब 3 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. इनके संबंधों की भनक बनवारी को लगी तो संबंधों को लेकर बनवारी लाल और उसकी पत्नी के बीच कई बार झगड़ा भी हुआ. बनवारी ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट भी की.
ऐसे बनाया मर्डर प्लान
इसके बाद पत्नी संतोष ने प्रेमी हनुमान से मिलकर पति की हत्या करने का प्लान बनाया. पहले चरण में यह तय हुआ कि पति को मार देते हैं. लेकिन बनवारी की पत्नी ने कहा कि इन बच्चों का क्या होगा? जिसके बाद दोनों ने बच्चों को भी साथ मारने की योजना बनाई और तैयारी शुरू कर दी. इस घटना को अंजाम देने के लिए करीब तीन महीने का समय लगा. घटना वाले दिन रात को करीब 10 बजे हनुमान प्रसाद आया, उस वक्त बनवारी की पत्नी अपने घर की छत पर खड़ी थी. उसने आंखों से इशारा कर दिया और वो वहां से चला गया. उसके बाद दो किराए के हत्यारे कपिल व दीपक को साथ लेकर शिवाजी पार्क स्थित मकान के पास गए और उन्हें मकान दिखा दिया.

इस दौरान छत से पत्नी ने उन्हें देख लिया, जहां बनवारी की पत्नी संतोष ने गेट खोलकर उन्हें मकान में अंदर प्रवेश करवाया. रात करीब एक बजे इन्होंने 2 चाकुओं से बनवारी लाल (40) और उसका सबसे बड़ा बेटा अमन (17) हैपी (14) निक्की (12) ओर अज्जू (9) की ताबड़तोड़ हमले कर हत्या कर दी. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि निक्की बनवारी के छोटे भाई मुकेश का पुत्र था और बनवारी और मुकेश किराये के मकान में रहते हैं. इसके बाद 3 आरोपियों को मृतक की पत्नी ने स्कूटी की चाबी सौंप दी. तीनों बदमाशों ने इस घटना को दस्ताने पहनकर अंजाम दिया. अस्पताल में बीमारी का नाटक करने के साथ ही संतोष शक के घेरे में आ गई.
किलर्स को दिए 3 हजार रुपये
बताया जा रहा है कि किलर दीपक और कपिल को 3 हजार रुपये दिए गए थे. हत्या की मास्टर माइंड पत्नी खुद मकान की छत पर बने कमरे में बहन के साथ जाकर सो गई. स्कूटी से तीनों आरोपी सवार होकर रेलवे स्टेशन के समीप पहुंचे और मंडी मोड़ पर स्कूटी खड़ी कर रेलवे स्टेशन पहुंचे. लेकिन ट्रेन नहीं मिलने की वजह से वो ऑटो के माध्यम से राजगढ़ पहुंचे. राजगढ़ में भी ट्रेन नहीं मिलने पर वो बांदीकुई पहुंचें. यहां से ट्रेन में सवार होकर प्रेमी हनुमान उदयपुर के लिए रवाना हो गया जबकि, सुपारी किलर दीपक और कपिल अपने गांव गाजूकी पहुंज गए. सुबह मृतक की पत्नी संतोष उसकी बहन कविता पानी की मोटर चलाने आई तब उनकी चीख पुकार सुनकर लोग एकत्रित हुए. इसके कुछ समय बाद हत्या में शामिल पत्नी अस्पताल में भर्ती हो गई थी और शक की सुई उसकी ओर घूमने लग गई.
खाने में नशीला पदार्थ देकर दिया वारदात को अंजाम
वारदात के दिन पत्नी संतोष ने अपने प्रेमी द्वारा लाई गई नींद की गोलियां दही से बने रायते में पीसकर डाल दी. उसके बाद करीब 9 बजे संतोष ने अपने पति और बच्चों को खाना खिलाया. पति को बड़े प्यार से खाना खिलाया. गहरी नींद में हो ने कती वजह से आसानी से ठिकाने लगाया जा सका. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई कि बड़े बेटे अमन की तबियत खराब होने के कारण उसने खाना नहीं खाया, इसलिए उन्हें यह चिंता थी कि कहीं वारदात करते वक्त वो जाग नहीं जाए. उसके द्वारा विरोध भी किया गया इसलिए उसके हाथ में चाकू का कट लगा था.
जीरो वाट के बल्ब की रोशनी में की हत्या
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिस वक्त यह घटना घटित हुई, उस वक्त जीरो वाट का बल्ब जलाया गया. सबसे पहले पत्नी के प्रेमी नेपति की गर्दन पर चाकू से वार किया और हाथ-पैर सुपारी किलर ने पकड लिए. इसकी हत्या के बाद यह आभास हो गया कि सभी लोग नशे में सो रहे हैं. जैसे ही पति की हत्या हुई तो बडा बेटा अमन जाग गया, उसने इस दृश्य को देखा तो शोर मचाने की कोशिश की. तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी. उसने इस घटना का विरोध भी किया. अमन की हत्या के बाद बाकी के तीन बच्चों की हत्या चाकूओं से आसानी से कर दी गई.

अपनी आंखों के सामने सबको मरते देख रही थी संतोष
जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया जा रहा था,उस वक्त संतोष सीढियों में खडी थी और सारे माजरे को देख रही थी.
हाईकोर्ट में की जाएगी फांसी की सजा की अपील
20 मार्च 2023 को इस मामले में अपर जिला सेशन न्यायाधीश क्रम संख्या दो रेनू श्रीवास्तव ने आरोपी महिला संध्या उर्फ संतोष पत्नी बनवारी लाल एवं उसके प्रेमी हनुमान को धारा 302, 460 ,120 और 201 में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सरकार द्वारा नियुक्त एडवोकेट अशोक शर्मा ने बताया कि जिस तरह का यह जघन्य हत्याकांड है, उसमें इस तरह की सजा भी पर्याप्त नहीं है, इसलिए जयपुर हाईकोर्ट की खंडपीठ में फांसी की सजा की अपील की जाएगी.