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100 फीट गहरी खाई, पानी और अब मधुमक्खियों का हमला... ओडेला हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन पर संकट

अलवर के ओडेला गांव में खनन हादसे के रेस्क्यू के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने राहत दल पर हमला कर दिया. इस हमले में एसडीआरएफ अधिकारी समेत तीन जवान घायल हो गए. हादसे में पोकलेन मशीन 100 फीट गहरी पानी भरी खाई में गिरी थी. 72 घंटे बाद भी ऑपरेटर का शव नहीं निकल सका है. रेस्क्यू जारी है.

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खनन हादसे के तीसरे दिन भी नहीं निकला शव.(Photo: Screengrab)
खनन हादसे के तीसरे दिन भी नहीं निकला शव.(Photo: Screengrab)

अलवर जिले के रामगढ़ उपखंड के ओडेला गांव स्थित खनन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे के बाद चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चुनौतियों से जूझ रहा है. शुक्रवार शाम पहाड़ दरकने से एक पोकलेन मशीन करीब 100 फीट गहरी पानी से भरी खाई में गिर गई थी. मशीन के अंदर उसका ऑपरेटर मौजूद था, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई.

हादसे के बाद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी मृतक ऑपरेटर का शव बाहर नहीं निकाला जा सका है. भरी पानी, गहराई और पत्थरों के कारण राहत कार्य बेहद मुश्किल बना हुआ है.

यह भी पढ़ें: अलवर में किडनैपिंग की कोशिश या साजिश? SUV पलटी, दो की मौत, एक घायल

रेस्क्यू के दौरान मधुमक्खियों का हमला

हादसे के तीसरे दिन रविवार दोपहर रेस्क्यू टीम को एक और अप्रत्याशित संकट का सामना करना पड़ा. तेज धूप के बीच अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने राहत कार्य में जुटी टीम पर हमला कर दिया. इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी व अधिकारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.

मधुमक्खियों के डंक से एसडीआरएफ के हेड कांस्टेबल बलराम, जयप्रकाश और सरजीत घायल हो गए. घायलों को तुरंत एएसआई राजेश सारण निजी वाहन से रामगढ़ उप जिला अस्पताल ले गए, जहां तीनों का इलाज जारी है. हमले के दौरान मौजूद लोगों ने भागते हुए कर्मचारियों और अधिकारियों के वीडियो बनाए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.

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रेस्क्यू रोकना पड़ा, हालात बेहद जोखिम भरे

एसडीआरएफ के हेड कांस्टेबल बलराम ने बताया कि शनिवार को ही पोकलेन मशीन की लोकेशन का पता लगा लिया गया था. मशीन को रस्सों की मदद से बाहर निकालने की तैयारी की जा रही थी, तभी अचानक मधुमक्खियों ने टीम पर हमला कर दिया. इस कारण सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोकना पड़ा.

देखें वीडियो...

रेस्क्यू में लगे कर्मचारी सरजीत ने बताया कि खाई में पानी की गहराई करीब 150 फीट से ज्यादा है और नीचे नुकीले पत्थर मौजूद हैं. ऐसे हालात में काम करना बेहद खतरनाक है. पोकलेन मशीन का ऊपरी शीशा टूटा हुआ मिला है, लेकिन अब तक मशीन ऑपरेटर का कोई सुराग नहीं लग पाया है.

एनडीआरएफ भी मौके पर, प्रशासन निगरानी में जुटा

घटना की गंभीरता को देखते हुए अजमेर से एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है. अब एसडीआरएफ और एनडीआरएफ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ा रही हैं. राहत कार्य की निगरानी डीएसपी पिंटू कुमार कर रहे हैं.

वहीं, तहसीलदार अंकित गुप्ता भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे अभियान पर नजर रखे हुए हैं. प्रशासन का कहना है कि मधुमक्खियों के हमले से रेस्क्यू में थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ अभियान लगातार जारी है. प्रशासन का दावा है कि जल्द से जल्द शव को बाहर निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है.

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