सत्ता के केंद्र में रहकर 20 साल का वक्त लंबा होता है. सार्वजनिक जीवन की जिम्मेदारी ऐसी होती है कि नेताओं को पल पल का हिसाब देना पड़ता है, और फिर अगर आप मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री हों वो भी इतने अरसे तक हिसाब किताब और भी गहरा हो जाता है. आइए हम भी देखते हैं, पीएम मोदी के इस लंबे सफर का लेखा जोखा, अंजना ओम कश्यप के साथ.