सरहद के उस पार से ज्यादातर आतंक और नफरतों में लिपटी कहानियां ही इधर आती हैं. मगर इस बार कहानी जुदा है और चोट थोड़ी गहरी. यह पाकिस्तान में पैदा हुए और पले-बढ़े एक पाकिस्तानी मुसलमान की कहानी है.एक ऐसे पाकिस्तानी मुसलमान की कहानी, जो हाल के वक्त में पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं का सबसे बड़ा मसीहा था. वह पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं और ईसाइयों को भी इंसान और इंसानियत के चशमे से देखने लगा था. और बस उसकी इसी गलती की उसे ऐसी सज़ा मिली कि बस पूछिए मत.