मध्य प्रदेश के इंदौर में लगभग 30 से 45 दिनों तक जनता दूषित पानी की शिकायत करती रही लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. हालात तब बिगड़े जब आम लोग बीमार होकर मरने लगे. तब जाकर पानी के सैंपल इकट्ठा किए गए और दूषित पानी के स्रोत की खोज हुई. जब लोग अपने परिवार के साथ तड़पते और भागते हुए देखे गए, तभी जांच कराने की पहल हुई. देखें खबरदार.