मंदिर में आंख की पूजा के पीछे तर्क है कि पिता दश ने महादेव का अपमान किया तो सती ने खुद को आग ली. नाराज शिव ने सती के शव को लेकर तांडव शुरू कर दिया. विष्णु ने चक्र से सती का अंग-भंग कर दिया. सती की आंख जहां गिरी उसे चण्डिका नाम से जाना जाता है.