करीब पांच हफ्ते तक उन्हें जनता की फिक्र नहीं हुई. लेकिन जब संसद का सत्र खत्म हो रहा है तो महंगाई की याद आई है. लालू ने ये कहकर सबको हैरान कर दिया कि कीमतों नहीं घटी तो जनता नेताओं को पीटने लगेगी. लालू ने चावल, दाल और गेंहू का निर्यात बंद करने की भी अपील की.