इस बार सिर्फ साल नहीं बदला है बल्कि इस बार भारत ने नए साल के उत्सव की परम्परा को भी बदल दिया है, कभी 1 जनवरी का दिन मुख्यतः पार्टियों, पर्यटन और शोर-शराबे से जुड़ा माना जाता था लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग नए साल की शुरुआत मंदिरों में देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेकर कर रहे हैं. देखें ब्लैक एंड व्हाइट विश्लेषण.