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ब्लैक & व्हाइट

होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी से क्या चीन-रूस भी युद्ध में कूदेंगे? देखें ब्लैक & व्हाइट

14 अप्रैल 2026

अमेरिका की नाकेबंदी के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगभग सन्नाटा है. जहाजों की आवाजाही लगभग बंद है. लेकिन इस बीच चीन का एक जहाज अमेरिका की नाकेबंदी को तोड़कर निकल गया. चीन और रूस दोनों ही देश अरब सागर में अमेरिका के ब्लॉकेड का विरोध कर रहे हैं. ऐसे में सवाल है क्या अब चीन और रूस भी इस जंग में उतरने वाले हैं? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

B&W: जिस ईरान को दुनिया मान रही मासूम, वो दुनिया को कैसे कर रहा ब्लैकमेल?

13 अप्रैल 2026

आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि जिस ईरान को पूरी दुनिया मासूम, पीड़ित और बेचारा समझ रही है, वो किस तरह 484 करोड़ लोगों का दम घोंटने पर आमादा है. अब जिस वक्त ये युद्ध थमा हुआ है, बारूद और बमबारी पर विराम है, तब भी ईरान वो हरकतें कर रहा है जिसे ब्लैकमेलिंग के अलावा कुछ और नहीं कहा जा सकता. जिस तरह ईरान होर्मुज को हाईजैक कर रहा है. वो बिल्कुल प्लेन हाईजैक की तरह अनैतिक, अपराध और 'आतंकवाद' है. जिसके जरिये वो इंसानियत को रौंदकर अपनी बेरहम और क्रूर चेहरा दुनिया को दिखा रहा है.

B&W: बातचीत से ही मिलना था समस्या का समाधान तो हजारों लोगों की मौत क्यों?

12 अप्रैल 2026

40 दिन का युद्ध, करीब 5 हजार 500 लोगों की मौत और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान. ईरान युद्ध से किसी को कुछ हासिल नहीं हुआ, बल्कि मासूमों ने अपनी जान गंवाई. आज अमेरिका के समर्थक, ईरान को विलेन बताकर अपनी जीत के दावे कर रहे हैं और ईरान के चाहने वाले अमेरिका को हराने का दम भर रहे हैं. लेकिन सच ये है कि इस युद्ध में कोई जीता नहीं है, सब हारे हैं. युद्ध जीतने वाले को हीरो माना जाता हारने वाले को अक्सर विलेन कह दिया जाता है. लेकिन ईरान युद्ध में सारे ही विलेन हैं. अमेरिका, इजरायल और ईरान ने अपने अहंकार में हजारों लोगों की जान ले ली, मिडिल ईस्ट के 51 करोड़ लोगों की जान को खतरे में डाल दिया, पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट में ढकेल दिया. इसलिए आज हम आपको बताएंगे ये तीनों देश दुनिया के सबसे बड़े विलेन क्यों साबित हुए हैं.

आतंकी अड्डे पर US-ईरान सीजफायर का 'शांतिपाठ', देखें ब्लैक एंड व्हाइट

10 अप्रैल 2026

आज सबसे पहले आपको शांतिदूत का नकाब पहनकर दुनियाभर में ढिंढोरा पीट रहे पाकिस्तान का नकाब उतारेंगे. जो अभी-अभी अफगानिस्तान के 400 मासूम मुसलमानों को मारकर आ रहा है... वो पाकिस्तान अब अमन की दुआ के लिए इस्लामाबाद में मजमा लगा रहा है. यानि 900 चूहे खाकर शहबाज, ईरान और अमेरिका में शांतिवार्ता कराएंगे। सोचिए आतंकवाद का 'वायरस', अब खुद 'सीजफायर' की वैक्सीन बनाएगा? हालांकि इसके आसार तो कम ही हैं कि ... आतंकवाद के अड्डे पर .. सीजफायर का शांतिपाठ हो पाए. क्योंकि लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायल के जोरदार हमले जारी हैं.

लेबनान पर फंसा युद्धविराम, क्या ईरान तोड़ेगा सीजफायर? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

09 अप्रैल 2026

आज सबसे पहले आपको अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 दिन के उस सीजफायर के बारे में बताएंगे जो मात्र 14 घंटे में ही वेंटिलेटर पर पहुंच गया. अब इस 'सीजफायर' को बार-बार वेंटिलेटर से उठाने की कोशिशें हो रही हैं. लेकिन इजरायल ने जिस तरह शहबाज शरीफ के इस सीजफायर पर बमबारी की है. उससे इसका वेंटिलेटर से उठना लगभग नामुमकिन ही लग रहा है. और ऐसा लग रहा है कि ये जल्द ही दम तोड़ देगा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जब सीजफायर का प्रस्ताव सोशल मीडिया पर 'कॉपी-पेस्ट' और उसके बाद 'एडिट' किया था. तो उसमें साफ तौर पर लिखा था कि इस सीजफायर में 'लेबनान' भी शामिल है. और इस पर अमेरिका-ईरान और उनके सहयोगी भी सहमत हो गए हैं. लेकिन इजरायल ने बिना देरी पाकिस्तान को उसकी सही जगह दिखाते हुए 'मिसाइल संदेश' से पूछ लिया है कि तुम कौन होते हो इजरायल को बमबारी से रोकने वाले? और फिर इजरायल ने लेबनान में जो बारूद बरसाया. उसे पूरा लेबनान थर्रा उठा। मात्र 10 मिनट में 100 ठिकानों को टारगेट करते हुए इजरायल ने लेबनान के ढाई सौ से ज्यादा लोगों को मार दिया. और फिर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का 'सीजफायर प्रस्ताव' में लेबनान वाली लाइन को हाइलाइट करते हुए पूछा- 'कहो शाहबाज मियां, क्या हुआ'? और फिर ईरान ने कह दिया कि अगर लेबनान पर हमले होते रहे तो इसका कड़ा जवाब मिलेगा. और उसकी उंगली अभी भी ट्रिगर पर है. इसके साथ ही ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को फिर से बंद कर दिया. अमेरिका ने भी कह दिया कि ट्रंप ने ईरान की 10 शर्तें कूड़ेदान में डाल दीं. और अब फिर से हालात भयानक जंग के बन चुके हैं. सोचिये जब पाकिस्तान जैसा आतंकी देश 'शांतिदूत' होगा तो क्या लेबनान लहूलुहान नहीं होगा? तभी तो शहबाज शरीफ के 'झांसे' में लेबनान के 254 लोग मारे गए! और अब पाकिस्तान 'जगहंसाई' के बाद 'तुरपाई' में लगा है.

B&W: अमेरिका और ईरान दोनों बजा रहे जीत की ढपली, क्या टिकेगा 'शर्तिया सीजफायर'?

08 अप्रैल 2026

आज की सबसे बड़ी खबर ये है कि ईरान-अमेरिका की जंग में जब सबसे खतरनाक मोड आने वाला था. और ईरान की सभ्यता को ही मिटाने की मुनादी भी हो चुकी थी. तब अचानक रात में '14 दिन के सीजफायर' का ऐलान हो गया. जिस पर ईरान ने भी सहमति जता दी वो भी 'अपनी शर्तों पर' और अमेरिका भी सहमत हो गया 'अपनी शर्तों पर'. और अब इस शर्तिया सीजफायर के बाद दोनों ही देश अपनी-अपनी ढपली बजा रहे हैं. और अपनी-अपनी जीत के किस्से सुना रहे हैं.

क्या आज रात ईरान को बर्बाद करके मानेंगे डोनाल्ड ट्रंप? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

07 अप्रैल 2026

आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि क्या आज ईरान के अंत का आरंभ हो रहा है? यूं तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बर्बाद करने के लिए पिछले 39 दिन में आधा दर्जन से ज्यादा अल्टीमेटम दिये हैं. लेकिन आज की चेतावनी बेहद खतरनाक है. जिससे मुकरना ट्रंप की साख का सवाल बन सकता है. ऐसा लगता है कि ट्रंप- प्लान 'एक था ईरान' पर काम कर रहे हैं. आज ट्रंप ने ना तो घुमा-फिराकर धमकी दी है. और ना ही मोहलत बढ़ायी है. उन्होंने सीधे कहा है कि आज रात एक सभ्यता खत्म हो जाएगी. ट्रंप ने इससे पहले 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. और उसकी मियाद खत्म होने से पहले ही ईरान को एक और धमकी दे डाली. लेकिन ईरान ने झुकने से साफ इनकार करते हुए कहा कि उसकी सभ्यता कोई मिटा नहीं सकता.

अमेरिका ने ईरान के चंगुल से पायलट को कैसे बचाया? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

06 अप्रैल 2026

आज सबसे पहले आपको ईरान में अमेरिका के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताएंगे, जिसमें अमेरिका, ईरान की नाक के नीचे से अपने एयरमैन को बचाकर निकाल ले गया। ये सुनने में भले ही हॉलीवुड को कोई फिल्म जैसी लगे... लेकिन जिस अंदाज में ये ऑपरेशन अंजाम दिया गया... वो बिल्कुल जमीनी हकीकत है। आज हम विस्तार से आपको बताएंगे कि कैसे अमेरिका ने अपने एक सैनिक के लिए इतने बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। और सैकड़ों करोड़ के अपने फाइटर जेट दांव पर लगा दिये। लेकिन अपने सैनिक को दुश्मन के जबड़े से जिंदा निकाल लिया। इसे The Great American Rescue Opration भी कह सकते हैं। इसके बाद ईरान को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के अल्टीमेटम के बारे में बताएंगे। जहां गुस्सा भी है... झुंझलाहट भी है... धमकी भी है... चेतावनी भी है... और अगले हमले की तारीख भी मुकर्रर की गई है। इस बार ट्रंप ईरान पर इस हद तक गुस्सा हो गए कि वो पब्लिक प्लेटफॉर्म पर भाषा की मर्यादा भी भूल गए। आज आपको बताएंगे कि 48 घंटे बाद डॉनल्ड ट्रंप क्या कर सकते हैं? लेकिन दूसरी तरफ ईरान ट्रंप की धमकियों की बिल्कुल भी परवाह नहीं कर रहा है। और उन्हें बिल्कुल बेखौफ अंदाज में जवाब दे रहा है। ईरान ने साफ कह दिया है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बिल्कुल नहीं खुलेगा.

अमेरिका के लिए होर्मुज पर कब्जा करना आसान या कठिन? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

05 अप्रैल 2026

आज आपको बताएंगे कि कैसे इस युद्ध ने ईरान और खाड़ी देशों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है. भले ही युद्ध का निर्णय ना आया हो. भले इस युद्ध में कोई हारा और जीता न हो. लेकिन ईरान और अरब देशों में इतना जबरदस्त नुकसान हुआ है कि उनके लिए सामान्य स्थिति में लौटना आसान नहीं होगा. ईरान युद्ध के इन 37 दिनों में एक बात तो साफ है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान को बडे़ पैमाने पर बर्बाद किया है. लेकिन ईरान के लिए गर्व करने वाली बात ये है कि उसने अभी भी घुटने नहीं टेके हैं. आज हम आपके लिए ईरान युद्ध का रिपोर्ट कार्ड लेकर आए हैं, जिसमें हम आपको ये बताएंगे कि अब ये युद्ध किस दिशा में आगे बढ़ रहा है. आज हम इस युद्ध का भविष्य देखने की कोशिश करेंगे कि अब इसका अंजाम क्या हो सकता है. फिलहाल ट्रंप के जो तेवर दिख रहे हैं उससे ये नहीं लगता है कि वो युद्ध रोकने की कोशिश में है.

35 शेड्स ऑफ ट्रंप! रणनीति या सिर्फ और सिर्फ अनिश्चितता? देखें B&W

03 अप्रैल 2026

आज इस युद्ध का 35वां दिन है और ये 35 दिन राष्ट्रपति ट्रम्प के अलग अलग रूप दिखाते हैं, जिन्हें आप Thirty Five Shades of Trump भी कह सकते हैं इन Thirty Five Shades में राष्ट्रपति ट्रम्प का व्यक्तित्व दुनिया को कन्फ्यूज़ करता है. राष्ट्रपति ट्रम्प कभी खुद को शांति लाने वाला नेता बताते हैं, तो कभी युद्ध को और भड़काने वाली भाषा बोलते हैं. कभी वो अमेरिका को सुरक्षित बनाने की बात करते हैं तो कभी ऐसे फैसले लेते हैं जिनसे दुनिया अस्थिर होती दिखती है. उनकी राजनीति में एक पैटर्न साफ नजर आता है, बड़े दावे, कड़े शब्द, और अचानक फैसले लेकिन सवाल ये है कि क्या ये रणनीति है या ये सिर्फ और सिर्फ अनिश्चितता है?

B&W: ट्रंप अब दुनिया के तमाम देशों को वर्ल्ड वॉर की आग में झोंकना चाहते हैं?

02 अप्रैल 2026

आज सबसे पहले आपको बताएंगे कि कैसे अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप अब दुनिया के तमाम देशों को भड़काकर वर्ल्ड वॉर की आग में झोंकना चाहते हैं? इसे और ज्यादा भड़काने के लिए उन्होंने इस आग में कच्चा तेल डालना शुरू कर दिया है. वो चाहते हैं कि दुनिया के तमाम देश इस जंग में कूद पड़ें. फिलहाल ट्रंप की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनकी चारों तरफ आलोचना हो रही है. अब दुनिया में कोई देश उनका खुलकर साथ नहीं दे रहा है. बल्कि तमाम देश उनसे दूरी बना रहे हैं. या उनकी मांग को ठुकरा रहे हैं. अमेरिका में उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. और जब दुनिया में कोई उनकी तारीफ नहीं कर रहा तो ट्रंप खुुद बताने लगे कि वो कितने महान हैं. उन्होंने अपने मुंह से अपनी शेखी बघारना, अपने हाथ से अपनी पीठ थपथपाना और अपनी तारीफों के पुल बांधना शुरू कर दिया.

ब्लैक एंड व्हाइट: क्या ईरान युद्ध पर बड़ा सरप्राइज देने वाले हैं डोनाल्ड ट्रंप?

01 अप्रैल 2026

आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि ईरान-अमेरिका युद्ध में आज की रात भयानक कैसे हो सकती है? पूरी आशंका है कि आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को बहुत बड़ा सरप्राइज दे सकते हैं. या फिर ईरान पूरी दुनिया को चौंका सकता है. इस समय ट्रंप की उंगली सरप्राइज बटन पर है, वो अभी तक अपने बयानों से लोगों को चौंका रहे हैं. हर बार उनका नया बयान लोगों के लिए एक सरप्राइज ही साबित हो रहा है. कभी वो कहते हैं कि उन्होंने ईरान को तबाह कर दिया है. कभी वो कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला है. कभी वो कहते हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खोला तो ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे. कभी वो कहते हैं कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है, फिर वो कहते हैं कि ईरान सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा है. फिर अचानक से कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुले या बंद रहे अमेरिका इस युद्ध से बाहर हो जाएगा. एकदम से वो NATO और यूरोप के देशों पर भड़क जाते हैं. और कहते हैं कि NATO किसी काम का नहीं है, अमेरिका इससे अलग होने पर विचार करेगा.

ईरान पर न्यूक्ल‍ियर अटैक कर सकता है अमेरिका? देखें ब्लैक & व्हाइट

31 मार्च 2026

आज मार्च महीने क्लोजिंग हो गई. लेकिन एक महीने बाद भी ईरान और अमेरिका के युद्ध की क्लोजिंग डेट नहीं आई है. और अब लग रहा है कि ये युद्ध न्यूक्लियर अटैक पर जाकर ही थमेगा. अब तक 32 दिन के इस युद्ध में अमेरिका अपना हर अस्त्र-शस्त्र आजमा कर देख चुका है. मिसाइल, बॉम्बर, युद्धपोत और मरीन्स भी युद्ध में उतार दिए. हर दिन खुद ट्रंप, धमकी, सीजफायर से लेकर जुबानी बम बरसा रहे हैं. लेकिन ईरान हर हमले के बाद कपड़े झाड़कर खड़ा हो जाता है. और पूरी ताकत से इसका जवाब देता है. इस बार ईरान ने इजरायल के कई शहरों को धुआं-धुआं कर दिया. मुस्लिम देशों में खौफ पैदा कर दिया. ईरान ने पानी के प्लांट के बाद तेल से भरे जहाज में मिसाइल दाग दी. जिससे समंदर में तेल फैल जाने का खतरा पैदा हो गया है.

ईरान से युद्ध का क्या है डोनाल्ड ट्रंप का असली मकसद? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

30 मार्च 2026

आज सबसे पहले हम आपको ये बताएंगे कि क्या ट्रंप अपने असली 'मकसद' पर लौट आए हैं? और क्या उन्होंने ये पूरा युद्ध उस एक 'मकसद' के लिए ही लड़ा था? ये मकसद है 'तेल'. यानि दुनिया में जहां भी तेल होगा, वहां अमेरिका होगा. क्योंकि ट्रंप को तेल पसंद है. वास्तव में ईरान की न्यूक्लियर साइट यूरेनियम एनरिचमेंट तो एक बहाना या शिगूफा था. जो ईरान पर हमले के लिए छोड़ा गया. ट्रंप को तो वेनेजुएला की तरह ईरान के तेल पर कब्जा करना था. और अब उनका ये मकसद उनकी जुबान पर आ चुका है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान का तेल उनकी पसंदीदा चीज है. उन्होंने यहां तक कहा कि हो सकता है कि अब वो इसके लिए ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें. जहां से ईरान तेल का 90% व्यापार करता है. और जिस वक्त ट्रंप खार्ग द्वीप और ईरान के तेल पर कब्जा करने की बात कह रहे हैं तब अमेरिका के साढ़े 3 तीन हजार मरीन्स के साथ युद्धपोत USS Tripoli ऑपरेशनल जोन में पहुंच चुका है.

ईरान की रणनीति के आगे क्या टिक पाएंगे डोनाल्ड ट्रंप? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

29 मार्च 2026

ईरान युद्ध अब एक नए स्तर पर जा रहा है. अगर किसी को युद्ध के रुकने का संदेह है, तो उन्हें हम बता दें कि फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हो रहे बातचीत के दावे और सैन्य तैयारियां अलग-अलग कहानियां कह रही हैं. एक तरफ बातचीत के दावे हैं तो दूसरी तरफ जमीन हमलें की बड़ी तैयारियां हो रही हैं. 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध को पूरा 1 महीना हो गया है और इस एक महीने में दुनिया ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के अहंकार को देखा, सैकड़ों मासूमों की मौतें देखी और लाखों लोगों का पलायन देखा है. और फिलहाल जो संकेत मिल रहे हैं, उससे युद्ध विराम की बातें एक मज़ाक लग रही हैं.

जबरन जंग थोपने वाले ट्रंप 'सीजफायर' पर क्यों अड़े हैं? देखें B&W

27 मार्च 2026

लगभग एक महीने पहले जबरन ईरान पर युद्ध थोपने वाले ट्रंप... अब बारूद की जगह.. 'सीजफायर' बेच रहे हैं. कभी 5 दिन का सीजफायर... तो कभी 10 दिन का सीजफायर! कोई सीजफायर लेना भी नहीं चाह रहा तब भी उसे जबरन 'सीजफायर' थमा दे रहे हैं. और कह रहे हैं कि बड़ी जबरदस्त बातचीत चल रही है ईरान से.. और वो समझदार लोग हैं.. अच्छा मोलभाव कर रहे हैं. और अगली ही लाइन में कहते हैं कि ईरान सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा है...! जबकि ईरान कह रहा है कि ना उसकी ट्रंप से कोई बातचीत चल रही है.

ईरान और अमेरिका के बीच डील नहीं हुई तो महायुद्ध तय? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

26 मार्च 2026

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि अमेरिका और ईरान में सीजफायर और बातचीत के लिए कौन गिड़गिड़ा रहा है. 5 दिन के लिए 'हाफ सीजफायर' कर चुके ट्रंप के कंप्लीट सीजफायर का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. और इसमें सिर्फ 44 घंटे बाकी हैं. क्योंकि ट्रंप ने कहा था कि 5 दिन या उससे पहले ही बातचीत की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. और अब ट्रंप खुद कह रहे हैं कि ऐसा लग रहा हैै कि ईरान से डील नहीं होगी. क्योंकि ईरान कह रहा है कि वो अमेरिका से कोई बातचीत नहीं कर रहा है. ईरान ने सीधे कहा कि उसे सबसे पहले युद्ध से हुए नुकसान का Compensation दिया जाए. ईरान ने मुस्लिम देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वो अमेरिका से दूरी बनाकर रखें. क्योंकि ईरान को जहां भी अमेरिकी ठिकाने मिलेंगे वो उन्हें निशाना बनाएगा. इस पर ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान मिडिल ईस्ट पर कब्जा करना चाहता है.

ईरान युद्ध पर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में कितनी सच्चाई? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

25 मार्च 2026

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

अमेरिका को ईरान के खिलाफ इस युद्ध से क्या हासिल हुआ? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

24 मार्च 2026

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि क्या ट्रंप का 5 दिन के 'हाफ सीजफायर' का प्लान फेल होने वाला है? ट्रंप ने एकतरफा ऐलान तो कर दिया. लेकिन ना तो ईरान रुक रहा है. और ना ही नेतन्याहू रुक रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि नेतन्याहू ने तो ट्रंप से बगावत ही कर दी है. और वो लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं. और दूसरी तरफ ईरान कह रहा है कि जब तक उसके नुकसान की भरपाई नहीं हो जाती तब तक ये जंग जारी रहेगी. इतना ही नहीं ईरान ट्रंप को खुली धमकी देने के साथ ही उनके 5 दिन के सीजफायर का मखौल उड़ाया है. आज आपको बताएंगे कि क्या सऊदी अरब, UAE, कतर और कुवैत जैसे देश अब ईरान के खिलाफ सीधी जंग शुरू करने वाले हैं?

युद्ध का 'ट्रंप कार्ड' अब ईरान के हाथ में? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

23 मार्च 2026

अब से कुछ देर पहले तक पूरी दुनिया की नजरें 24 मार्च की सुबह पर टिकीं थीं. दुनिया ये देखना चाहती थी कि कल की सुबह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खुल जाएगा या फिर अमेरिका ईरान की बिजली सप्लाई ध्वस्त कर देगा. क्योंकि इसकी खुली चेतावनी ट्रंप ने ईरान को दी थी, और इसके लिए 48 घंटे का वक्त भी दिया था, जो 24 मार्च को सुबह सवा 5 बजे पूरा होने वाला था. लेकिन अपने 'वचन' को पूरा करने से ठीक 12 घंटे पहले ट्रंप ने इतना 'शार्प यू-टर्न' लिया कि पूरा दुनिया देखती रह गई. और लौट के ट्रंप 'सीजफायर' पर आ गए? उन्होंने कहा कि अब अमेरिका अगले 5 दिन तक ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले नहीं करेगा. और इसके पीछे उन्होंने इतना जबरदस्त तर्क दिया कि सब सोचने पर मजबूर हो गए कि आखिर ये है क्या? 48 घंटे पहले ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करने की धमकी देने वाले ट्रंप कह रहे हैं कि पिछले दो दिन यानि 48 घंटे से ईरान और अमेरिका के बीच बहुत अच्छी बातचीत चल रही है. अब ये खुद ट्रंप ही जानें कि उनकी कौनसी बात सच है और कौनसी झूठ? हालांकि ईरान ने कहा है कि उसकी अमेरिका से कोई बात नहीं हुई है. ना ही डायरेक्ट और ना ही किसी तीसरे देश के जरिये? अब सवाल ये है कि ट्रंप आखिर 12 घंटे पहले अचानक 120 घंटे क्यों मांगने लगे. वो अचानक से 5 दिन की मोहलत पर आकर क्यों टिक गए? और उन्होंने ईरान को 5 दिन की मोहलत दी है. या युद्ध की तैयारियों और अगली रणनीति के लिए 5 दिन की मोहलत ली है? आपको बता दें कि एक दिन पहले ईरान ने इजरायल के सीक्रेट न्यूक्लियर प्लांट डिमोना पर जबरदस्त हमला किया. कहा जा रहा है कि इस हमले ने ट्रंप को हिलाकर रख दिया और वो अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर हो गए हैं.

युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की क्या है शर्त? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

22 मार्च 2026

ईरान-इजरायल युद्ध का आज 23वा दिन है. और तीन हफ्ते बाद ईरान ने अपनी पूरी रणनीति बदल दी है. अब वो सिर्फ सैन्य ठिकानों को तबाह नहीं कर रहा बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल रहा है. ताकि सभी पर दबाव बनाया जा सके. इजरायल ईरान के तेल ठिकानों पर हमले कर रहा है तो ईरान सऊदी अरब, कतर और कुवैत में तेल-गैस के ठिकानों को निशाना बना रहा है.

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